मौलाना सालिम अशरफ कासमी
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि अगर हमारे पूर्वज हिंदू थे तो इस्लाम में कोई ना कोई तो खूबी होगी जो हिंदुस्तान में कम से कम 22 करोड़ मुस्लिम आबादी है और तुम्हारे पूर्वजों ने इस्लाम की खूबियों को कुछ तो समझा होगा। इसलिए तुम्हारी भलाई इसी में है कि हम तुम में वापस हों और तुम इस्लाम की खूबियों को पूर्वजों से समझ कर इस्लाम धर्म स्वीकार करो और कलमा पढ़कर इस्लाम के अमन और पीस फुल प्रोग्राम, हिंदुस्तान की गंगा जमुनी तहजीब, एकजुटता व इस्लाम की साफ नीति को सबके सामने रखें।
मौलाना सालिम अशरफ ने कहा कि इस प्रकार के जितने भी बयान होते हैं वो इन लोगों के दिवालियापन का सबूत है। ऐसे लोगों को ऋषि मुनि या किसी अच्छे डॉक्टर से अपना इलाज कराना चाहिए।
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