देश के सबसे प्रदूषित शहरों में पिछले 5 दिन से मेरठ लगातार टॉप टेन में चल रहा है। मंगलवार को भी मेरठ का एक यूआई 400 रहा, वहीं शहर में डेंगू मलेरिया समेत अन्य बीमारियों के रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिले में डेंगू के मंगलवार को 10 नए मरीज मिले हैं। हालांकि कोरोना का कोई नया मरीज नहीं मिला, अब तक 4 मरीज सक्रिय हैं। यही नहीं, जीका वायरस को लेकर भी जिले में खौफ है। स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया हुआ है।
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देश के सबसे प्रदूषित शहरों में मेरठ समेत आसपास के 5 जिले टॉप टेन में हैं। मेरठ का एक्यूआई मंगलवार को भी 400 रहा। गंगानगर, पल्लवपुरम और शास्त्रीनगर जैसे पॉश इलाकों में हवा लगातार दमघोंटू बनी हुई है। हवा की सेहत में सुधार लाने के लिए शहर में ग्रैप लागू करके कमिश्नर ने 17 विभागों के अफसरों को कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंपी थी। सड़कों पर पानी के छिड़काव और खुले में पड़े रोडी डस्ट डालने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे, लेकिन नतीजा जीरो रहा। प्रदूषण के कारण शहरवासियों का सांस लेना दूभर हो रहा है। उधर, मौसम में भी तेजी से बदलाव हो रहा है। सोमवार की रात सीजन की सबसे सर्द रात दर्ज की गई और पारा 10.4 डिग्री पर पहुंच गया।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. यूपी शाही का कहना है कि पांच दिन तक मौसम शुष्क बना रहेगा। रात के तापमान में हल्की गिरावट दर्ज होगी। मौसम कार्यालय पर अधिकतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम आर्द्रता 77 व न्यूनतम आर्द्रता 45 प्रतिशत दर्ज की गई। हवा की रफ्तार चार किमी प्रतिघंटा दर्ज की गई।
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शहर के विभिन्न इलाकों में एक्यूआई
गंगानगर- 430
जयभीमनगर- 435
पल्लवपुरम- 411
कलेक्ट्रेट- 405
शास्त्रीनगर- 417
केसरगंज- 422
बेगमपुल- 427
डेंगू के 10 नए मरीज मिले, सक्रिय केस 286
जिले डेंगू के मंगलवार को 10 नए मरीज मिले हैं। अब तक मरीजों की कुल संख्या 1491 हो गई है। इनमें से 1205 मरीज ठीक हो चुके हैं। 286 सक्रिय केस हैं, जिनमें 69 अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि 217 घर पर रहकर इलाज करा रहे हैं।
नए मरीज कैंट, कंकरखेड़ा, जयभीमनगर, कंकरखेड़ा, मकबरा डिग्गी, नंगला बट्टू, पल्हेड़ा, शकूरनगर और मवाना के रहने वाले हैं। इस सीजन में अब तक कंकरखेड़ा में 109 मरीज मिल चुके हैं। इससे ज्यादा मलियाना में 121 मरीज मिले हैं। अब तक देहात में 692 और शहरी क्षेत्र में 799 मरीज मिल चुके हैं। दूसरी तरफ, मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में वायरल बुखार, खांसी और जुकाम के मरीजों की भरमार है। ओपीडी में मरीजों की कतारें लग रही हैं।
4252 सैंपलों की जांच, कोई मरीज नहीं मिला
जिले में मंगलवार को 4252 सैंपलों की जांच की गई, जिनमें कोरोना का कोई मरीज नहीं मिला। चार मरीज सक्रिय हैं। दो संक्रमित अस्पताल में भर्ती हैं और दो होम आइसोलेशन में हैं। जिले में अब तक 66042 लोग संक्रमित मिल चुके हैं।
15614 लोगों ने लगाया टीका
जिले में मंगलवार को 143 बूथों पर 15614 लोगों ने कोरोना से बचाव का टीका लगवाया। बुधवार को 126 बूथों पर 28850 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने जिले में 18 साल से ज्यादा उम्र के 2626057 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा है। इनमें से अभी तक 17 लाख 86 हजार 382 लोगों के पहली डोज लग चुकी है, इनमें से ही 8 लाख 86 हजार 744 लोगों को दोनों डोज लग चुकी हैं। तीन लाख से ज्यादा लोग ऐसे हैं, जिनका दूसरी डोज लगवाने का समय पूरा हो चुका है, लेकिन उन्होंने डोज नहीं लगवाई है। जिले में अभी तक 8 लाख 39 हजार 675 लोग ऐसे हैं, जिन्होंने एक भी डोज नहीं लगवाई है।
4252 सैंपलों की जांच, कोई मरीज नहीं मिला
मेरठ। जिले में मंगलवार को 4252 सैंपलों की जांच की गई, जिनमें कोरोना का कोई मरीज नहीं मिला। चार मरीज सक्रिय हैं। दो संक्रमित अस्पताल में भर्ती हैं और दो होम आइसोलेशन में हैं। जिले में अब तक 66042 लोग संक्रमित मिल चुके हैं।
जीका का खौफ : भूख न लगे और आंखें हों लाल तो हो जाएं सावधान
जीका वायरस इंफेक्शन मादा मच्छर के काटने से मनुष्य के शरीर में पहुंचता है। इंफेक्शन शरीर में पहुंचने के लगभग 7 से 14 दिन बाद रोगी को लक्षण उत्पन्न होते हैं। प्रमुख लक्षणों में बुखार आना, पूरे शरीर में दर्द होना, भूख न लगना, आंखों में लालपन आदि प्रमुख हैं। लिहाजा सावधान रहें।
मेडिकल कालेज में मंगलवार को जीका वायरस के संबंध में सेमिनार का हुआ, जिसमें इसके लक्षण, जटिलताएं और निदान के बारे में बताया गया। मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. तुंग वीर सिंह आर्य ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को विशेष रूप से देखभाल की जरूरत होती है। उन्हें हल्का सुपाच्य खाना खाना चाहिए और विश्राम करना चाहिए।
प्रोफेसर डॉ. योगिता सिंह ने बताया कि इस रोग की वैक्सीन पर अभी ट्रायल चल रहा है। आशा है शीघ्र ही यह वैक्सीन उपलब्ध हो सकेगी। प्रोफेसर डॉॅॅ. संध्या गौतम, प्रोफेसर डॉ. श्वेता शर्मा, प्रोफेसर डॉ. विनोद कुमार त्यागी, डॉ. अनिरुद्ध गुप्ता, डॉ. पंकज और डॉक्टर अरुणा रवि आदि ने भी चर्चा में भाग लिया।