इस पर कुछ फैसला होता कि यूजीसी ने निर्देश जारी कर दिए कि फाइनल ईयर की परीक्षाएं जरूरी हैं। जिस तरह से कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखकर दिल्ली सरकार ने निर्णय लिया है, वैसे ही उत्तर प्रदेश सरकार को जल्द निर्णय लेना होगा। क्योंकि यूजीसी के मुताबिक अगर सितंबर में परीक्षाएं कराई गईं तो पीजी का सत्र तो जीरो होने के कगार पर पहुंच जाएगा।
यहां भी हुई ऑनलाइन पढ़ाई में खानापूर्ति
दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने यह भी कहा कि जब सेमेस्टर की पढ़ाई नहीं हुई तो परीक्षाएं कैसे लेंगे। यही हाल यहां का भी है। सीसीएसयू कैंपस को छोड़ दें तो अधिकतर कॉलेजों ने ऑनलाइन पढ़ाई की सिर्फ रस्म अदायगी की है।
सभी कॉलेजों से कहा गया था कि क्या पढ़ाया है, हर शिक्षक के नाम से छात्रों का फीडबैक फार्म भी अपलोड करें लेकिन आज तक नहीं हुआ। इससे साफ है कि यहां पर कितनी पढ़ाई हुई है। सीसीएसयू में अधिकतर छात्र-छात्राएं ग्रामीण इलाकों से आते हैं, ऐसे में वहां पर ऑनलाइन पढ़ाई संभव ही नहीं थी। छात्रों का कहना है, ऐसे में यहां भी जब पढ़ाई नहीं हुई तो पेपर क्यों करा रहे हैं।