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कोरोना ने बदली बाजार की सूरत, मेडिकल क्षेत्र में आया बड़ा बदलाव, थर्मामीटर आउट, थर्मल स्कैनर का दबदबा

Sun, 12 Jul 2020 01:22 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

  • डिजिटल थर्मामीटर की जगह थर्मल स्कैनर ने ले ली है।
  • वहीं, पल्स ऑक्सीमीटर जैसे अत्याधुनिक प्रोडक्ट की एकाएक मांग बढ़ी है
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तापमान जांचता स्वास्थ्यकर्मी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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विस्तार
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कोरोना काल में बाजार की सूरत बदल गई है। खासकर मेडिकल क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। डिजिटल थर्मामीटर की जगह थर्मल स्कैनर ने ले ली है। वहीं, पल्स ऑक्सीमीटर जैसे अत्याधुनिक प्रोडक्ट की एकाएक मांग बढ़ी है। शायद यही वजह है कि कुछ लोग इन प्रोडक्ट को कई गुना अधिक दामों पर बेचकर मुनाफा कमाने में जुटे हैं।

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कोरोना संक्रमण के दौरान शरीर का ताप मापने के लिए थर्मल स्कैनर का उपयोग बढ़ा। सोशल डिस्टेंस को अमल में लाना था, इसलिए लोगों ने तेजी से इसे अपनाया। न केवल चिकित्सक बल्कि आम घरों में भी यह खरीदे गए। इसके चलते डिजिटल थर्मामीटर एक तरह से गायब हो गए।

बढ़ती मांग के चलते 1500 रुपये में मिलने वाला थर्मल स्कैनर पांच हजार रुपये तक में बिका। इसी तरह पल्स ऑक्सीमीटर की भी उपयोगिता बढ़ गई। यह अक्सर हॉस्पिटलों में ही दिखाई दिया करता था।
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कोरोना काल में इसकी उपयोगिता समझकर लोगों ने इसे खरीदना शुरू किया। एक हजार में मिलने वाला पल्स ऑक्सीमीटर तीन हजार रुपये तक में बिका।

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माल की कमी बताकर बेच रहे महंगा
अनलॉक प्रक्रिया के बाद थर्मल स्कैनर और पल्स ऑक्सीमीटर की कई वैरायटी बाजार में आ गईं। कई जगह अब भी ये महंगे दामों पर बेचे जा रहे हैं। हालांकि कंपनी के अनुसार इनके दाम फिक्स किए गए हैं। बताया जाता है कि चीन से विवाद के बाद इन दोनों ही प्रोडक्ट की कीमत मनमाने ढंग से बढ़ाई है। कुछ लोग माल की शॉर्टेज बताकर इन्हें महंगे दामों पर बेच रहे हैं।

पल्स ऑक्सीमीटर का यह है काम
चिकित्सकों की माने तो पल्स ऑक्सीमीटर के जरिए पल्स रेट और खून में ऑक्सीजन की मात्रा का पता लगाया जाता है। सांस की बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए यह महत्वपूर्ण है। उंगली में लगाकर चंद सेकेंड में चिकित्सक मरीज के शरीर में ऑक्सीजन की स्थिति का पता लगा लेते हैं। फिर उसी के अनुरूप उपचार शुरू करते हैं। कोरोना संक्रमण में इसका काफी उपयोग हो रहा है।
 
लॉकडाउन के दौरान थर्मल स्कैनर और पल्स ऑक्सीमीटर के दामों में भारी इजाफा हुआ था। बाजार खुलने के बाद दाम घटे हैं। यदि कोई बढ़े दामों पर इन्हें बेच रहा है तो गलत है। दोनों ही प्रोडक्ट बाजार में आसानी से उपलब्ध हैं।-रजनीश कौशल, महामंत्री, जिला मेरठ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन
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