2010 में हुआ था 4 गांवों का जमीन अधिग्रहण
वर्ष 2010 में चंदसारा, खानपुर, नंगला, सलेमपुर गांवों में जमीन का अधिग्रहण किया गया था। चार गांवों में लगभग 90 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया। इसमें सलेमपुर में एक हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर, चंदसारा में 600 रुपये प्रति वर्ग मीटर और खानपुर, नंगला में मात्र 500 रुपये प्रति वर्ग मीटर का चार गुना और उसके साथ ब्याज मिलाकर मुआवजा दिया गया। अब किसान सलेमपुर के समान मुआवजे की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब गौतमबुद्धनगर में 24 गांवों की एक बेल्ट बनाकर एकसमान मुआवजा दिया गया है। इसी आधार पर तीन किमी की परिधि में सलेमपुर, खानपुर, नंगला और चंदसारा आ रहे हैं। इनका भी एकसमान मुआवजा होना चाहिए।
किस गांव में क्या है मुआवजे की दर ( रुपये प्रति वर्ग मीटर)
नरहेड़ा - 5280, सलेमपुर - 5280, ढिकोली - 3900, घोसीपुर - 5500, शाकरपुर - 9800, चंदसारा - 3150, खानपुर और नंगला पातू - 2566
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तीन गांवों के किसानों ने किया विरोध
नंगलापातू, खानपुर, चंदसारा, सलेमपुर के किसानों ने विरोध करते हुए समान मुआवजे की मांग एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) अधिकारियों के सामने रखी। इस पर सांसद ने पहले सांसद वापस जाने लगे लेकिन बाद में नंगलापातू के ग्राम प्रधान उदयवीर ठाकुर के अनुरोध पर उन्होंने कार्य का शुभारंभ किया। इसके बाद सांसद ने किसानों से विस्तार से बात की। किसान मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना था कई बार जिलाधिकारी, कमिश्नर स्तर पर वार्ता हो चुकी है लेकिन कोई हल नहीं निकला है। किसानों में शिवानंद मास्टर, यतेंद्र कुमार त्यागी, वेदप्रकाश, आदेश त्यागी, राकेश प्रधान आदि शामिल रहे।
पुलिस को संभालनी पड़ी व्यवस्था
सांसद द्वारा निर्माण कार्य की शुरुआत न करने के कहने के बाद एक पक्ष द्वारा निर्माण कार्य की शुुरुआत कराई गई। इस पर दूसरे पक्ष ने नाराजगी जाहिर की। इस पर आपस में कहासुनी हो गई। इस मामले को मौके पर मौजूद पुलिस ने समझाकर शांत कराया।
अब लाभ देना संभव नहीं
समान मुआवजा संभव नहीं है। अगर किसानों को कोई आपत्ति है तो वह कोर्ट जाकर अपनी बात बताएं। इसमें एनएचएआई अब कुछ नहीं कर सकता है - अरविंद कुमार, परियोजना निदेशक, एनएचएआई