अखबार से डीन के जिंदा होने की मिली जानकारी
रिमांड पर लिए गए शूटर नदीम ने पुलिस को बताया कि आरती भटेले से डीन डॉ. राजबीर सिंह की हत्या को लेकर पांच लाख रुपये में सौदा हुआ था। प्रधान मुनेंद्र बाना ने चार लाख रुपए दिलवाए। रेकी के बाद उन्होंने 11 मार्च को घटना को अंजाम दिया। नौ गोलियां मारने के बाद उन्हें लगा की डीन मर चुका है। जिस पर वह भाग निकले। अगले दिन अखबार से जानकारी मिली कि डीन बच गया। जिस पर वह छिप गया। पुलिस की लगातार दबिश देने पर उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। नदीम पर विभिन्न मामलों में 16 मुकदमें दर्ज हैं।
30 दिन बीते आरती भटेले का नहीं लगा सुराग
हाई प्रोफाइल मामले में पुलिस मुख्य साजिशकर्ता प्रो. आरती भटेले को ढूंढ नहीं सकी है। पुलिस मेरठ से लेकर मध्य प्रदेश तक आरती की तलाश में दबिश दे चुकी है। साथ ही रिश्तेदारों से भी पूछताछ कर चुकी है। लेकिन, आरती भटेले के बारे में पुलिस को कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है। चार टीमें लगाने के बावजूद पुलिस मुख्य साजिशकर्ता से दूर है। पुलिस ने सर्विलांस का सहारा लिया लेकिन, इसके बाद भी आरोपी आरती की लोकेशन ट्रेस नहीं कर सकी। पिछले 30 दिन से लगातार पुलिस आरती के नजदीक होने का दावा कर रही है। लेकिन उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।