शहर में थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों से लेकर व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों से इस तरह की ठगी हो चुकी है। पुलिस भी इन अपराधियों की जानकारी नहीं जुटा पाती। पीड़ित को टरका देती कि झारखंड या दूरदराज बैठे साइबर अपराधी ने खाते से पैसा उड़ाया है।
पांच साल में दस गुना बढ़ा अपराध
पुलिस के अनुसार पांच साल में साइबर अपराध दस गुना बढ़ा है। साइबर क्राइम सेल के रिकॉर्ड के अनुसार साइबर फ्रॉड की हर माह 300 से अधिक शिकायत आ रही हैं, जिसमें निरस्तारण 2-3 फीसदी ही हो पाता है। साइबर अपराधियों से निपटने के लिए पुलिस को लखनऊ में खास ट्रेनिंग दी गई। लेकिन साइबर अपराध का आंकड़ा इतनी तेजी से बढ़ रहा है कि एक्सपर्ट कम पड़ रहे हैं।
आजकल अनजान नंबर से वीडियो कॉल बहुत आ रही हैं। वीडियो कॉल सुरक्षित करके साइबर अपराधी अधिकांश लोगों को ब्लैकमेल कर रहे हैं। वीडियो कॉल पर अश्लीलता या फिर किसी लड़की की तस्वीर दिखाकर बातचीत की जाती है।
यह बरतें सावधानी
1. एफबी खाते की सुरक्षा को प्रोफाइल गार्ड लगाएं। ताकि कोई भी साइबर अपराधी आपका प्रोफाइल न जान सके।
2. एटीएम प्रयोग करते समय देखें कि सीसीटीवी कैमरे का फोकस कहां है। आपके पासवर्ड पर तो नजर नहीं।
3. देखें कि एटीएम में स्क्रीमर डिवाइस तो नहीं लगी है।
4. ज्वाइनिंग लेटर की जांच के बाद ही पैसा ट्रांसफर करें।
5. ओएलएक्स पर सामान की डिलीवरी होने पर ही पैसा दें।
6. अनजान वीडियो कॉल रिसीव न करें।
7. व्हाट्सएप पर पैसा जीतने जैसे मेसेज पर ध्यान न दें, न लिंक खोलें।
ठगी हो जाए तो यह करें
साइबर एक्सपर्ट कर्मवीर सिंह और साइबर सेल प्रभारी दिलीप सिंह का कहना कि अगर आपके साथ साइबर ठगी हो जाए तो तुरंत बैंक के कस्टमर केयर नंबर और साइबर सेल के नंबर 7839855538 पर संपर्क करे।
सीईआरटी (कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम) वेबसाइट पर जाकर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। साइबर दोस्त (एप) भी डाउनलोड करें। अगर आपने अपने बैंक खाते की किसी से गोपनीय जानकारी शेयर नहीं की और ठगी हो गई है तो इसकी शिकायत आरबीआई से करें। सबसे बड़ी जरूरत जागरूक रहने की है।
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