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हिस्ट्रीशीटर के घर बना पुलिस का सुरक्षा प्लान, उधर खून के बदले खून के लगे नारे

Sun, 17 Sep 2017 10:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ

सार

एसपी देहात, एसपी ट्रैफिक, एडीएम प्रशासन रहे हिस्ट्रीशीटर के घर मौजूद 
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बदमाश के घर सुरक्षा की योजना बनाते पुलिस के अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मेरठ में सनौता गांव में तनाव है। ग्रामीणों को डर है कि दो सगे भाइयों की मौत के बाद गांव में और बखेड़ा न हो जाए। लेकिन पुलिस अधिकारी ग्रामीणों की सुरक्षा का प्लान हिस्ट्रीशीटर परवेज के घर में बैठकर बना रहे हैं। इसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। 
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शुक्रवार दोपहर मनसाद व दिलशाद के शवों का सुपुर्द ए खाक किया गया। कब्रिस्तान में सीओ मवाना यूएन मिश्रा, एसओ फलावदा जनक सिंह पुंडीर व आठ दस सिपाही भी मौजूद रहे। वहीं इस दौरान एसपी देहात राजेश कुमार, एसपी ट्रैफिक संजीव वाजपेयी, एडीएम प्रशासन सत्यप्रकाश पटेल, तीन सीओ हिस्ट्रीशीटर परवेज के घर पर बैठकर गांव की सुरक्षा का प्लान बना रहे थे।

पुलिस प्रशासन के अधिकारियों का हिस्ट्रीशीटर के घर बैठने को लेकर ग्रामीणों में तरह तरह की चर्चा उड़ती रही। ग्रामीणों का कहना है कि हिस्ट्रीशीटर के कहने पर पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर रही हैं। दो भाइयों की मौत से ज्यादा रंजिश को देखते हुए कार्रवाई कराई जा रही है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हिस्ट्रीशीटर परवेज के परिवार के दो लोगों की हत्या हुई है। इसको देखते हुए उसके घर पर बैठे थे।
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जनाजे में लगे खून के बदले खून के नारे
मामला सांप्रदायिक भी हैं। दोनों भाइयों के जनाजे एक साथ घर से उठे। लोगों ने जनाजे में नारे भी लगाए कि खून का बदला खून से लेंगे। हालांकि कुछ बुजुर्गों ने लोगों को ऐसे नारे लगाने से रोका। जनाजे में चंद पुलिसकर्मी यह तमाशा देख रहे थे। तनाव की स्थिति बनी थी, लेकिन पुलिस अधिकारी हिस्ट्रीशीटर के घर में बैठकर प्लान बनाते रहे।

18 के खिलाफ मुकदमा दर्ज 
मनसाद के भाई कलीम ने धर्मवीर पुत्र दरियाव, अशोक पुत्र दरियाव, दरियाव पुत्र बादाम, हाजी गुलफाम पुत्र वहीद, रवि पुत्र धर्मवीर, मदन पुत्र दुर्गा, अनुज पुत्र मदन, सलमान पुत्र अखलाक, शेरू पुत्र आसिफ, मुकेश पुत्र दुर्गा, सादान पुत्र आरिफ, अभिषेक पुत्र मनोज, मोनू, मोहित पुत्र भोपाल, नासिर पुत्र यासीन, शाहिद पुत्र यासीन, ईलू पुत्र हाजी गुलफाम, आसिफ पुत्र जफीरा, अखलाक पुत्र वहीद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।

पुलिस ने कराई एफआईआर
हत्या के बाद भड़की भीड़ ने यूपी 100 की गाड़ी में तोड़फोड़ की। आरोपियों के घर में घुसकर पथराव और तोड़फोड़ की थी। इस मामले में यूपी 100 में तैनात सिपाही अमित कुमार ने 150 अज्ञात लोगाें के खिलाफ केस दर्ज कराया है।

पुलिस लापरवाही से गई दो जान
ग्रामीणों ने बताया दोनों भाइयों की मौत पुलिस की लापरवाही से हुई हैं। 80 साल के बुजुर्ग आरोपी दरियाव सिंह ने पुलिस को बताया कि 28 अगस्त तथा तीन सितंबर को भी गांव में हाजी निसार के बेटों से विवाद हो गया था। थाने में तहरीर भी दी थी, लेकिन एसओ ने एक नहीं सुनी। पुलिस हिरासत में आरोपी हाजी गुलफाम, आसिफ का कहना था कि  पुलिस की मदद करने का खामियाजा भुगत रहे हैं। हत्या से उनका कोई लेना देना नहीं हैं। वह घटना पर मौजूद नहीं थे।

थाने से महिलाओं को छोड़ा
पुलिस ने दरियाव सिंह के परिवार की महिलाओं और बच्चों को छोड़ दिया। इसके बाद वह गांव में अपने घर नहीं, बल्कि जान का खतरा बताकर रिश्तेदारी में चले गए। एसओ फलावदा जनक सिंह चौहान का कहना है कि रात को सुरक्षा के मद्देनजर उनको घर से निकला था। पीड़ित परिवार के लोगोें ने उनके घर पर हमला बोला था।

परिजनों में कोहराम
मनसाद और दिलशाद की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मचा है। दिलशाद की छह साल की एक बेटी है। वह बार बार अपनी अम्मी से पूछती कि अब्बू कब आएंगे। लोगों का कहना है कि मामूली बात पर इतना बड़ा मामला हो गया, यह किसी ने सोचा भी नहीं था।
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