मेरठ में रोहित हत्याकांड में नामजद दोनों आरोपी अनूप और संदीप के साथ नशा मुक्ति केंद्र संचालक भी पुलिस की जांच के घेरे में है। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश देने में लगी है। हालांकि अभी उनका कोई सुराग नहीं लगा।
टीपीनगर थाना क्षेत्र के शिवपुरम कॉलोनी में शिवम गुर्जर ने घर में अवैध रूप से नशा मुक्ति केंद्र खोला है। ऊपरी मंजिल पर नशा मुक्ति केंद्र है, भूतल पर परिवार रहता है। केंद्र डेढ़ महीने पहले ही यहां शिफ्ट किया गया था। फिलहाल रोहित पुत्र जवाहर निवासी शेखपुरा टीपीनगर, अनूप निवासी कुंडा परतापुर, संदीप निवासी गणपति एंकलेव कंकरखेड़ा का इलाज चल रहा था। रविवार दोपहर अनूप और संदीप ने रोहित की हत्या कर शव को बेड में छुपा दिया था और छत के रास्ते से फरार हो गए थे। सोमवार को पुलिस ने दोनों की तलाश की, लेकिन सुराग नहीं लगा। संदीप के पिता और अनूप के भाई को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की है। पुलिस का कहना है कि दोनों के पास मोबाइल भी नहीं है। उनको खोजना चुनौती बना हुआ है। पुलिस के साथ आरोपियों के परिजन भी उनकी तलाश कर रहे हैं। सीओ ब्रह्मपुरी अमित कुमार राय का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद रोहित के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
मालूम था अनूप का आपराधिक इतिहास
दो साल पहले अनूप ने कुंडा में बिट्टू नाम के एक युवक की हत्या कर दी थी। उस मामले में अनूप जेल गया था। वह शराब और अन्य मादक पदार्थ का नशा करने का आदी है। परिवार के लोगों ने उसकी नशे की लत छुड़ाने के लिए नशा मुक्ति केंद्र में भेजा था। उसके आपराधिक इतिहास की जानकारी शिवम गुर्जर को थी। इसके बाद भी शिवम ने अनूप, रोहित और संदीप को अपने यहां रखा था।
शिवम के परिवार के साथ भी हो सकती थी अनहोनी
पुलिस ने बताया कि नामजद दोनों आरोपी रोहित की हत्या के बाद शिवम के परिवार के साथ भी वारदात कर सकते थे। वारदात के दौरान घर पर सिर्फ एक महिला थी। शिवम की मां पड़ोस के घर में गई थी। गनीमत रही कि आरोपी वारदात करने के बाद छत के रास्ते पड़ोसी की मकान में कूदकर फरार हो गए। दोनों आरोपी भूतल पर आ जाते तो महिला के साथ भी वारदात हो सकती थी।