कचहरी में योगेश भदौड़ा और ऊधमसिंह के बीच खूनखराबे की आहट है। शुक्रवार को पेशी पर आए ऊधम सिंह ने जान का खतरा बताया तो पुलिस ने कचहरी छावनी बना डाली। चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा था। पुलिस ने दोनों कुख्यातों की अलग-अलग समय में कोर्ट में पेशी कराई।
26 सितंबर 2015 में थाना सिविल लाइन पर एक व्यापारी ने रंगदारी मांगने का केस दर्ज कराया था। जिसमें ऊधम सिंह का शूटर मनोज राणा गिरफ्तार हुआ था। पुलिस के अनुसार मनोज ने पूछताछ में बताया था कि वह ऊधम सिंह का शूटर है और उससे ऊधम सिंह ने रंगदारी मंगवायी थी। इस मामले में ऊधम को बी वारंट पर शुक्रवार को लखनऊ जेल से लाया गया। वहीं, योगेश भदौड़ा को सिद्धार्थनगर जेल से हत्या के मामले कचहरी में पेशी पर लाया गया। पुलिस के मुताबिक ऊधम काफी दिनों से पेशी पर नहीं आ रहा था। वह बार-बार अपनी जान का खतरा बता देता था।
लखनऊ पुलिस कड़ी चौकसी में ऊधम को मेरठ कचहरी लेकर लाई। मेरठ पुलिस ने ऊधम व योगेश के बीच गैंगवार को देखते हुए कचहरी में भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी। एक सीओ, तीन इंस्पेक्टर, 10 दरोगा और 18 पुलिसकर्मी लगाए गए। भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में पेशी के बाद दोनों को कचहरी से ले जाया गया।
ऊधम पर फोन मिलने की चर्चा
तलाशी के दौरान ऊधमसिंह पर फोन मिलने की चर्चा कचहरी में फैल गई। इसकी जानकारी पर वहां पहुंचे क्राइम ब्रांच प्रभारी संजीव कुमार ने कहा कि ऊधम से फोन मिलने की एक कैमरामैन ने अफवाह उड़ाई। ऊधम की जेब से सिगरेट का पैकेट मिला था।
योगेश तो बड़ा भाई है
पेशी में आया ऊधम बोला कि बेवजह इतनी पुलिस फोर्स लगा दी। योगेश तो बड़ा भाई है। उससे समझौते की बात चल रही है। जिस पर पुलिस ने बताया कि तुम्हारी जान को खतरा है। अधिकारियों के निर्देश पर इतनी फोर्स लगाई गई है। जिस पर ऊधम बोला कि किसी ने अफवाह उड़ा दी है।
अपराधी को दी खुली छूट
कचहरी में पेशी पर आए बदमाश फोन करके व्यापारियों से रंगदारी मांग रहे है। तीन दिन पहले सरधना पुलिस ने योगेश भदौड़ा के शूटरों से कचहरी हवालात में मोबाइल बरामद किया था। इसके बाद भी पुलिस खुलेआम अपराधी को फोन देकर बातचीत करा रही है। शुक्रवार को कड़ी चौकसी के बावजूद भी पुलिसकर्मियों ने एक बंदी की फोन पर बात करा दी। बड़ा सवाल है कि आखिर पुलिस इन मामले से कब सबक लेगी।