उसने बताया कि मुझे खालिस्तान का प्रचार करने के लिए 20-20 रेफ्रैंडम ग्रुप का प्रसार करने को कहा गया था। उसके बाद वह इस ग्रुप से जुड़कर चैटिंग करता था। तीरथ सिंह को सीमा पार से गोला बारूद के खेप मंगाने के लिए एक हथियार तस्कर से जोड़ा गया था।
उसके दम पर बड़ी घटनाएं कर पंजाब में आतंक का माहौल बनाने की कोशिशें चल रही थीं। विदेशी ग्रुप में कनेक्शन और केएलएफ का सक्रिय सदस्य होने के चलते वह पंजाब पुलिस के रडार पर आ गया था। सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहता था। पंजाब पुलिस के स्पेशल सेल ने मोहाली में तीरथ सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। उसके बाद से ही वह निशाने पर आ गया था।
पिता रिक्शा चालक, भाई सेवादार
एटीएस के अनुसार आठवीं तक पढ़ा तीरथ सोतीगंज स्थित एक ऑटोमोबाइल शॉप में चार साल से नौकरी करता था। पिता अशोक कुमार रिक्शा चालक है। भाई गुरुमुख सिंह गुरुद्वारे में सेवा करता है। पांच बहनें हैं। तीरथ भाईबहनों में सबसे बड़ा है