थाना नंदग्राम के गांव सिकरोड निवासी देवेंद्र शर्मा भट्ठा व्यापारी हैं। उनका इकलौता बेटा योगेंद्र उर्फ गोलू उनके साथ कारोबार देखता था। उसने डीके ट्रेडर्स नाम से ऑफिस बनाया हुआ था। एक मई की शाम को वह ऑफिस बंद करके निकला लेकिन घर नहीं पहुंचा।
वहीं, काफी तलाश के बाद भी योगेंद्र का सुराग नहीं लगने पर परिजनों ने नंदग्राम थाने पर गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने कॉल डिटेल खंगाली लेकिन सफलता नहीं मिली। दिल्ली नगर निगम में सेक्शन ऑफिसर के पद पर तैनात योगेंद्र के ताऊ प्रमोद कुमार हितैषी ने बताया कि योगेंद्र ने हापुड़ जिले के अजराड़ा निवासी विकास को गैराज किराए पर दे रखा था।
विकास यहां बाइक की सर्विस करने का कार्य करता था। उसने ओला कंपनी में अपनी कार भी लगा रखी थी। योगेंद्र के घर न लौटने पर परिजनों ने विकास से जानकारी ली तो उसने कहानी बनाकर परिजनों को गुमराह करना शुरू कर दिया।