एक नवंबर 2022 को टीपीनगर पुलिस ने आरोपी सुनील को दबोचा था। इसके पास से करीब दो लाख के नकली नोट, प्रिंटर और नोट बनाने वाली सामग्री बरामद की गई थी। उससे पूछताछ के बाद बड़ा खुलासा हुआ था। पुलिस ने दावा किया था कि नकली नोट बनाने वाले देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने के लिए ऐसा कर रहे हैं।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि पहले भी लालकुर्ती थाने से होमगार्ड नकली नोट के मामले में जेल भेजे जा चुके हैं, इसके अलावा भी अन्य लोगों को भी जेल भेजा गया है। नकली नोट कहां से आ रहे हैं, इसकी जांच में टीम काम कर रही है।
नकली और असली में पहचान करना मुश्किल
पुलिस अफसरों की मानें तो जो नकली नोट आरोपियों के पास से मिले हैं, उनकी आम आदमी पहचान भी नहीं कर सकता है। नोटों को देखकर और छूकर भी नहीं पता लगाया जा सकता है। वाटर मार्क के जरिए ही नोटों के नकली होने की पहचान साबित होती है। इन नोटों को पड़ोसी देश पाकिस्तान में बनाया जा रहा है। नेपाल और बांग्लादेश के जरिए भारत में भेजा जा रहा है।
इन्होंने कहा...
नकली करेंसी आरबीआई तक पहुंचाई जा रही है, यह गंभीर विषय है। नकली नोट बनाने वालों के खिलाफ मेरठ में लगातार कार्रवाई की जा रही है। आरबीआई के प्रबंधक द्वारा जो तहरीर दी गई है उसे पर मुकदमा दर्ज किया गया है। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी
ये हैं प्रमुख मामले
13 फरवरी 2023 : देहली गेट पुलिस ने बाजार में नकली नोट चलाते युवक पकड़ा था।
13 मार्च 2022 : टीपीनगर थाने की पुलिस ने 49 हजार की नकली करेंसी शौकीन, गुलशेर पकड़े थे। पश्चिम बंगाल से नकली नोट यहां चला रहे थे।
6 अक्तूबर 2023 : मेरठ जिले के थाना मेडिकल क्षेत्र में नोएडा एसटीएफ ने छापा मारकर नकली नोटों का जखीरा पकड़ा है। नकली नोटों के सौदागरों से 2 लाख के नकली नोट बरामद हुए है।
5 अक्तूबर 2023 : मेरठ एसटीएफ ने शामली से नकली नोटों को असली नोटों में बदलने वाले एक गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया। उससे 6 लाख के जाली नोट बरामद हुए थे।