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रिश्तेदार को पैसे न देने पड़े इसलिए रच दी फर्जी लूट की कहानी

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कंकरखेड़ा। एक रिटायर्ड शिक्षक ने शुक्रवार दोपहर पुलिस को बदमाशों द्वारा 2.85 लाख रुपये लूट की सूचना दी। इस पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल की, जिसमें सूचना गलत पाई गई। पुलिस के अनुसार अपने रिश्तेदार को पैसे न देने पड़े, इसलिए शिक्षक ने फर्जी लूट का ड्रामा रचा।
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मूल रूप से मुजफ्फरनगर के हुसैनपुर कलां निवासी रिटायर्ड शिक्षक हरपाल परिवार सहित श्रद्धापुरी में रहते हैं। शुक्रवार दोपहर करीब 01:15 बजे उन्होंने पुलिस को सूचना दी कि सरधना रोड पर बाइक सवार दो बदमाशों ने उनसे 2 लाख 85 हजार रुपये लूट लिए। सूचना पर पहुंचे सीओ दौराला पंकज कुमार व इंस्पेक्टर विनय कुमार ने जानकारी ली। हरपाल ने पुलिस को बताया कि उनका और उनके भाई श्याम सिंह का मुजफ्फरनगर स्थित एक बैंक में खाता है। दोनों को अपने एक रिश्तेदार को पैसे उधार देने थे। इसलिए वह मुजफ्फरनगर बैंक से पैसे निकालकर लाए थे। जिसमें 1 लाख 60 हजार रुपये श्याम सिंह ने निकाले और 1 लाख 25 हजार रुपये हरपाल ने निकाले। वह सारे पैसे (2 लाख 85 हजार) बैग में रखकर रोडवेज बस में सवार होकर कंकरखेड़ा आए। सरधना रोड स्थित आशुतोष नर्सिंग होम के सामने बाइक सवार दो बदमाशों ने उनसे बैग लूट लिया।

सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो खुला मामला
इंस्पेक्टर विनय कुमार के अनुसार हरपाल ने बताया कि बदमाशों उससे बैग लूटकर भागे तो बाइक सवार दो युवकों ने उन्हें साथ लेकर उनका शिव चौक तक पीछा किया। जब पुलिस ने आसपास के लोगों से जानकारी ली तो उन्होंने ऐसी किसी घटना होने से इंकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने घटना स्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी, लेकिन उसमें में घटना होती नहीं दिखाई दी। हालांकि एक कैमरे में करीब 12:30 पर हरपाल हाथ में बैग लेकर अपने घर की तरफ जाते हुए दिखाई दिए। इंस्पेक्टर के अनुसार शिक्षक ने बताया कि उनके एक करीबी रिश्तेदार ने उनसे पैसे उधार मांगे थे। जो कि वह देना नहीं चाहते थे। इसलिए उन्होंने फर्जी लूट का नाटक किया। वहीं सीओ दौराला पंकज कुमार का कहना है कि फर्जी लूट का षड्यंत्र रचने में हरपाल की पुत्रवधू ने पूरा सहयोग किया। वह मुजफ्फरनगर में एक सरकारी हॉस्पिटल में नर्स है। उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए उसके विभाग को नोटिस भेजेंगे। वहीं रिटायर्ड शिक्षक ने कोई तहरीर नहीं दी है।
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दो युवकों ने देखा भागते हुए
वहीं घटनास्थल के पास स्थित आशुतोष मेडिकल स्टोर पर तैनात एक युवक और वहां से गुजर रहे एक अन्य युवक ने बाइक सवार दोनों युवकों को शोर मचाते हुए बदमाशों के पीछे भागते हुए देखा था। उनका दावा है कि युवकों ने हरपाल को भी बाइक पर बैठा रखा था। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि ये सब कैमरे में कैद क्यों नहीं हुआ। जबकि पुलिस ने बार बार कैमरे खंगाला, लेकिन उसमें घटना से संबंधित कुछ नहीं मिला।
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