लॉकडाउन चार के बाद एक जून से संचालित होने वाली नई ट्रेनों के बारे में उत्तर रेलवे की ओर से गाइडलाइंस जारी की गई हैं। इसमें स्पष्ट किया गया है कि यदि स्क्रीनिंग के दौरान किसी यात्री का तापमान ज्यादा मिलता है या कोरोना के संदिग्ध लक्षण दिखाई देते हैं, तो उसे कन्फर्म टिकट होने के बावजूद यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उत्तर रेलवे अंबाला मंडल के सीनियर डीसीएम हरि मोहन के मुताबिक प्रवेश और चेकिंग वाली जगहों पर टीटीई के सत्यापन के आधार पर ट्रेन में सफर किया जा सकेगा। रिफंड के लिए यात्रा की तारीख से 10 दिन के अंदर ऑनलाइन टीडीआर भरना होगा। यात्री को ओरिजनल टीईटी प्रमाण पत्र आईआरसीटीसी को भेजना होगा। इसके बाद ग्राहक के खाते में किराया वापस कर दिया जाएगा।
90 मिनट पहले पहुंचना होगा
सभी यात्रियों की अनिवार्य रूप से स्क्रीनिंग की जाएगी। कोई लक्षण न मिलने वालों को ही सफर की अनुमति होगी। यात्रियों को कम से कम 90 मिनट पहले स्टेशन पर पहुंचना होगा। सभी यात्रियों को प्रवेश और यात्रा के दौरान फेस कवर या मास्क पहनना होगा। यात्रियों को ट्रेनों के अंदर और बाहर सोशल डिस्टेंस का पालन करना होगा।
कोई भी अनारक्षित टिकट जारी नहीं होगा
इन ट्रेेनों के लिए कोई भी अनारक्षित टिकट जारी नहीं होगा। प्रतीक्षा सूची के टिकट धारकों को ट्रेन में चढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कोई भी तत्काल और प्रीमियम तत्काल की अनुमति नहीं होगी। ट्रेन के प्रस्थान करने से कम से कम चार घंटे पहले चार्ट तैैयार किया जाएगा। रेलवे स्टेशन पर प्रवेश और निकास द्वार अलग-अलग रखा जाएगा।
ट्रेन के अंदर कंबल-पर्दे उपलब्ध नहीं होंगे
ट्रेन के अंदर कंबल, पर्दे आदि उपलब्ध नहीं होंगे। इसके साथ ही यात्रियों को कम सामान के साथ सफर करना होगा। किराए में खान-पान के शुल्क को शामिल नहीं किया जाएगा।