उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में ब्लैक फंगस के 12 नए मरीज मिले हैं। इनमें से दो की मौत हो गई, जिन्हें कोरोना भी था। इस बीच कोरोना पीड़ित 10 और मरीजों की जान चली गई। ब्लैक फंगस के अब तक 109 मरीज मिल चुके हैं। नए मरीज मेडिकल कॉलेज में भर्ती हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में अभी 106 मरीज हैं। तीन मरीज निजी चिकित्सकों के क्लीनिक पर आए हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग ब्लैक फंगस के 10 लोगों की मृत्यु दर्शा रहा है। 32 की छुट्टी हो चुकी है। ऑन रिकॉर्ड 64 सक्रिय मामले हैं।
मेडिकल के कोविड अस्पताल प्रभारी डॉ. धीरज ने बताया कि उनके यहां ब्लैक फंगस के दो मरीजों मेरठ निवासी रेवती शरण और सुदेश की मौत हुई है। मेडिकल कॉलेज में अब तक 68 मरीज भर्ती हो चुके हैं। फिलहाल 46 भर्ती हैं। बाकी मरीज निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।
वहीं जिले में रविवार को कोरोना के 265 मरीज मिले, जबकि 12 की मौत हो गई। आठ मौत मेडिकल कॉलेज में और चार निजी अस्पतालों में हुई। मृतकों में आठ मेरठ और बाकी आसपास के जिलों के थे। रविवार को 9275 सैंपल की जांच हुई। जिले में 5661 सक्रिय मामले हैं। इनमें से 1894 अस्पतालों में और 2871 होम आइसोलेशन में हैं। रविवार को ग्रामीण क्षेत्र में 2297 लोगों की जांच की गई, जिसमें से 74 पॉजिटिव निकले। इनमें छह को एंटीजन में और 68 को आरटीपीसीआर में पुष्टि हुई।
मंडल के जिलों में ब्लैक फंगस के इलाज के लिए इंजेक्शन कमिश्नर और अपर निदेशक स्वास्थ्य के माध्यम से मिलेंगे। साथ ही प्राइवेट अस्पतालों को इंजेक्शन मेडिकल कॉलेज से दिए जाएंगे। कालाबाजारी रोकने के मद्देनजर इंजेक्शन के लिए एडी ऑफिस और मेडिकल कॉलेज को नोडल सेंटर बनाया गया है। यहां से मंडल के सभी जिलों को इंजेक्शन जरूरत के हिसाब से मुहैया कराए जाएंगे। प्राइवेट अस्पतालों को इंजेक्शन मरीजों का ब्योरा देखने के बाद ही दिए जाएंगे।
अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. राजकुमार ने बताया कि 100 इंजेक्शन मिले थे, जिन्हें रविवार को आवंटित कर दिया गया। उधर, रविवार को मेडिकल कॉलेज में इंजेक्शन लेने पहुंचे, लेकिन उपलब्ध इंजेक्शन आवंटित होने के कारण सभी को नहीं मिल सके। हालांकि कुछ लोगों को इंजेक्शन मिल भी गए।
बहसूमा से दो संदिग्ध मरीज मेरठ रेफर
बहसूमा में ब्लैक फंगस के दो संदिग्ध मरीज मिलने पर दोनों को मेरठ के अस्पतालों में रेफर कर दिया गया। कस्बा निवासी युवक को कोरोना संक्रमित होने के बाद घर में आइसोलेट किया गया था। रविवार को उसकी आंख में सूजन आ गई। वहीं थाने के एक सिपाही में भी ब्लैक फंगस के लक्षण दिख रहे हैं। कुछ दिन पहले ही उसकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है। हस्तिनापुर सीएचसी प्रभारी अंकुर त्यागी ने बताया कि अभी ब्लैक फंगस की पुष्टि नहीं हुई है। जांच कराई जा रही है।