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मेरठ में इंस्पेक्टर व दरोगा की मौत

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मेरठ। त्योहार के मौसम में कोरोना का संक्रमण एक बार फिर बढ़ता जा रहा है। मरीज भी बढ़ रहे हैं। पिछले एक सप्ताह में 783 मरीज मिले और इनमे से 14 लोगों की मौत हो चुकी है। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि हालात अभी भयावह नहीं हुए हैं। इस बीच रविवार को कोरोना से दरोगा समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 108 नए मरीज मिले हैं। अब मेरठ में कोरोना से मरने वालों की संख्या 300 हो गई है।
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मृतकों में एक व्यक्ति गढ़ रोड स्थिति प्रीत विहार का था, जबकि दो व्यक्ति हापुड़ और बुलंदशहर जिले के निवासी थे। दरोगा की मौत को स्वास्थ्य विभाग ने सूची में शामिल नहीं किया है। नए मरीजों में चार हेल्थ केयर वर्कर, शिक्षक, सीए, तीन बैंकर, दो अधिवक्ता, शामिल हैं। नए मरीज मोहनपुरी, देवपुरी, सिविल लाइन्स, जागृति विहार, तेजपाल एंक्लेव, पांडव नगर, ब्रह्मपुरी, शास्त्री नगर, सुभाष नगर, बलवंत नगर, जय भीम नगर, गंगानगर, सर्वोदय कॉलोनी के रहने वाले हैं।
उधर, रविवार को 4689 सैंपलों की जांच हुई। सैंपल के हिसाब से 2.3 प्रतिशत लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है।
गंगानगर थाने में तैनात थे संभल निवासी दरोगा संजीव कुमार
गंगानगर थाने में तैनात दरोगा संजीव कुमार (31) जिला संभल 2015 बैच के एसआई थे। वह 13 अक्तूबर से निजी अस्पताल में भर्ती थे। इसके बाद उन्हें सुभारती के कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार सुबह उनकी मौत हो गई। दरोगा संजीव की मौत की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पिता संतरपाल, मां सुमित्रा देवी एवं भाई अरुण कुमार मेरठ पहुंच गए। डेढ़ साल पहले उनकी शादी निशी से हुई थी।
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वहीं इंस्पेक्टर राजीव कुमार (51) मुजफ्फरनगर के निवासी थे। वह बतौर आरआई रेडियो रेंज कार्यालय मेरठ में तैनात थे तथा पुलिस लाइन में रहते थे। वह पीलिया होने के कारण जसवंतराय अस्पताल में भर्ती थे। तबीयत बिगड़ने पर शनिवार देर रात उन्हें न्यूटिमा अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। पुलिस लाइन में एसपी देहात अविनाश पांडे, एसपी ट्रैफिक जितेंद्र श्रीवास्तव, एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह, एसपी क्राइम राम अर्ज, सीओ ब्रह्मपुरी अमित राय, सीओ कोतवाली अरविंद चौरसिया, सीएफओ संतोष राय, आरआई होरीलाल सिंह एवं अन्य पुलिसकर्मियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। एडीजी जोन राजीव सभरवाल, आईजी प्रवीण कुमार तथा एसएसपी अजय साहनी ने दोनों मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी।
-----अब तक 12939 मामले सामने आए-----
- मेरठ में पहला कोरोना संक्रमित 27 मार्च को मिला था। एक नवंबर तक कोरोना के 12,939 मामले सामने आए हैं
- इस दौरान 3,85,790 सैंपलों की जांच हुई। 11,054 लोग कोरोना को मात दे चुके हैं, जबकि 300 लोगों की मौत हुई
- 11,177 मरीजों की अब तक छुट्टी हुई। 1462 मरीजों का इलाज चल रहा है और 706 लोग होम आइसोलेशन में हैं
तारीख सैंपल मरीज मौत
26 अक्तूबर 3534 106 2
27 अक्तूबर 4647 79 0
28 अक्तूबर 4501 128 2
29 अक्तूबर 5528 104 1
30 अक्तूबर 5096 136 2
31 अक्तूबर 4974 122 4
01 नवंबर 4689 108 3
----इनसेट--
96.67 प्रतिशत सैंपलों की रिपोर्ट नेगेटिव
मेरठ में करीब 96.67 प्रतिशत लोगों की कोरोना जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई। सिर्फ 3.33 प्रतिशत लोगों को कोरोना संक्रमित कर सका है। इनमें से भी 86.15 प्रतिशत कोरोना को मात दे चुके हैं। मृत्यु दर 2.33 फीसदी है। स्वास्थ्य विभाग की 31 अक्तूबर तक कि स्टडी रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है।
सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि रिपोर्ट ये यह भी पता चला है कि कोरोना उसी व्यक्ति पर हमला करता है, जो कोरोना के मरीज के ज्यादा करीब रहते हैं। अगर सोशल डिस्टेंसिंग रखी जाए और थोड़ी सी सावधानी बरती जाए तो इससे आसानी से बचा जा सकता है। अगर मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है तो वह इसे आसानी से मात दे सकता है। मेडिकल की माइक्रोबायोलॉजी लैब के प्रभारी डॉ. अमित गर्ग बताते हैं कि कोरोना वायरस शरीर से बाहर कई दिन तक जिंदा रह सकता है, जबकि मेटल पर ये करीब 12 घंटे तक जिंदा रह सकता है।
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ब्यूरो
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