मेरठ। कई गुना रीडिंग बनाने और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर हजारों उपभोक्ताओं की बिजली बंद करने के मामले में विवादित रहे स्मार्ट मीटरों के संबंध में ढाई महीने बाद भी फैसला नहीं हो सका है। उपभोक्ताओं के यहां लगाने के लिए मंगाए गए स्मार्ट मीटरों के संबंध में पीवीवीएनएल को शासनादेश का इंतजार है।
बीती 12 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर प्रदेश के अधिकतर शहरों में स्मार्ट मीटरों में हुए फाल्ट की वजह से हजारों उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। लखनऊ मुख्यालय से हुई इस गड़बड़ी ने सरकार को हिला दिया था। वहीं, स्मार्ट मीटरों के बारे में किए गए दावे भी फेल हो गए। इससे क्षुब्ध प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने मामले की जांच एसटीएफ को सौंपकर 31 अक्तूबर तक स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगा दी थी। इसके बाद नए कनेक्शनों और खराब मीटरों को बदलने जाने के दौरान पुराने इलेक्ट्रानिक मीटर लगाए जा रहे हैं। 31 अक्तूबर बीतने के बावजूद शासन से कोई आदेश नहीं आया है। पीवीवीएनएल अधिकारियों का कहना है कि शासनादेश के बाद ही स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बारे में निर्णय किया जाएगा।
कई गुना तेज चलने की जांच शुरू
हाल ही में शासन को स्मार्ट मीटरों द्वारा कई गुना बिल बनाने की रिपोर्ट हाथ लगी है। इसे अधिकारियों ने एक साल से छिपा रखा था। ऊर्जा मंत्री के आदेश पर अब इस मामले की जांच कराई जा रही है।