उत्तर प्रदेश में अब मेरठ समेत सभी जिलों को कोरोना कर्फ्यू से मुक्त कर दिया गया है। अब शहर में फिर से रौनक लौट आएगी। वहीं व्यापारी काफी समय से बाजार खोलने के लिए मांग कर रहे थे। व्यापारियों ने चेतावनी दी थी कि अगर दो दिन में बाजार नहीं खुले तो वे आंदोलन लिए विवश होंगे।
बुधवार को जिले में सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक बाजार खोले जाएंगे। हालांकि, सिनेमाघर, मॉल और जिम पर पाबंदी लगी रहेगी। वहीं, रेस्टोरेंट खोलने की अनुमति तो रहेगी लेकिन, वहां बैठकर खाने की अनुमति नहीं होगी। रेस्टोरेंट से केवल होम डिलीवरी की जा सकेगी। रात्रिकालीन कर्फ्यू और वीकेंड कर्फ्यू पहले की तरह लागू रहेगा। उधर, कोरोना कर्फ्यू हटने से पुलिस-प्रशासन की चुनौती बढ़ जाएगी। पुलिस अब बिना मास्क के सड़कों पर घूमने वालों पर सख्त नजर रखेगी।
कल मिले थे कोरोना के 30 मरीज
मेरठ में सोमवार को कोरोना के 30 नए मरीज मिले, जबकि तीन लोगों की मौत हो गई थी। वहीं एक दिन में 287 मरीजों की छुट्टी भी हुई है। अब जिले में 176 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि 382 होम आइसोलेशन में हैं।
जिले में सोमवार को 5387 सैंपलों की जांच हुई। अब तक 65651 लोगों को कोरोना की पुष्टि हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग कोरोना संक्रमण से 805 लोगों की मौत दिखा रहा है, जबकि 951 लोगों की जान जा चुकी है। अब तक 56499 की छुट्टी हो चुकी है। गांवों में भी कोरोना कम होने लगा है। देहात में सोमवार को 2491 लोगों की जांच की गई। इनमें चार कोरोना पॉजिटिव निकले। देहात में अब 261 एक्टिव केस हैं। 62 को मेडिकल किट बांटी गई। 130 गांव हैं, जहां कोरोना के मरीज हैं। वहीं 448 ऐसे गांव हैं, जहां कोरोना मरीज नहीं हैं। मेडिकल में कोविड अस्पताल में कोविड-19 के 19 मरीज भर्ती हैं।
ब्लैक फंगस के पांच नए मरीज मिले, सक्रिय केस 116
ब्लैक फंगस के सोमवार को पांच नए मरीज मिले और 14 की छुट्टी हो गई। अब तक कुल 261 मरीज मिल चुके हैं और 124 की छुट्टी हो चुकी है। 116 एक्टिव केस हैं। 21 की मौत हो चुकी हैं। मेडिकल में 97 मरीजों का इलाज चल रहा है। 13 मरीज कोविड पॉजिटिव और 84 निगेटिव हैं। इनमें से 22 मरीज आईसीयू में गंभीर अवस्था में हैं। मेडिकल में ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए 100 बेड का वार्ड तैयार किया गया था, वह अब फुल हो चुका है। लिहाजा कोविड-19 ब्लाक में व्यवस्था करनी पड़ी है।
प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार का कहना है कि ब्लैक फंगस के कोविड पॉजिटिव और नॉन कोविड मरीजों को अलग-अलग रखा गया है। कोरोना के मरीजों में ब्लैक फंगस का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।