प्रोफेसर बनकर कला के क्षेत्र में करना चाहती हूं खास : आरजू
हापुड़ बाबूगढ़ छावनी के कनिया कल्याणपुर गांव निवासी आरजू गिल ने एमएफए ड्राइंग एंड पेंटिंग में सीसीएसयू कैंपस से 88.50 फीसदी अंकों के साथ टॉप किया है। आरजू को कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा स्वर्ण पदक से सम्मानित करेंगी। आरजू ने बीए 60 फीसदी अंकों के साथ आर्य कन्या पीजी कॉलेज हापुड़ से किया। 12वीं और 10वीं प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण किया। आरजू अब ड्राइंग एंड पेंटिंग में पीएचडी करना चाहती हैं। आरजू डिग्री कॉलेज में प्रोफेसर बनना चाहती हैं। आरजू के पिता नरेश गिल किसान हैं, माता पुष्पा देवी गृहिणी हैं। छोटा भाई अर्जुन गिल है।
आरजू का कहना है कि उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि राज्यपाल के हाथों मेडल मिलेगा। वह चाहती हैं कि प्रोफेसर बनकर कला के क्षेत्र में कुछ अलग करें। आरजू अक्सर यूट्यूब के जरिए देश और दुनिया के कलाकारों को देखकर खुद को अपडेट रखती हैं। आरजू पशु प्रेमी हैं, वह कहती हैं कि भविष्य में जानवरों को रहने के लिए एक सेल्टर हाउस खोलना चाहती हैं।
यह भी पढ़ें: होटल में छापा: पकड़ा गया प्रेमी जोड़ा, दो छात्राएं भी स्कूल ड्रेस में मिलीं, मचा हड़कंप, देखिए तस्वीरें
कृषि अधिकारी बनकर करूंगा किसानों की मदद : ब्रिजेश
बुलंदशहर के प्रेमपुर गांव निवासी ब्रिजेश कुमार ने बीएससी कृषि अमर सिंह पीजी कॉलेज लखावटी से 81.61 फीसदी अंकों के साथ टॉप किया है। ब्रिजेश अब सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय से एमएससी कृषि की पढ़ाई कर रहे हैं। वह पीसीएस के जरिए कृषि अधिकारी बनकर किसानों की मदद करना चाहते हैं। वह बताते हैं कि गांव से होने के कारण उनको किसानों की समस्या के बारे में जानकारी है। किसानों को लोन आदि में बड़ी समस्याएं आती हैं। ऐसे में वह कृषि अधिकारी बनकर उन समस्याओं को हल करना चाहते हैं। ब्रिजेश ने 10वीं 85 फीसदी और 12वीं 82 फीसदी अंकों से उत्तीर्ण की। उनके पिता ललित कुमार पीएचसी में स्वास्थ्य कर्मचारी हैं, माता शकुंतला देवी गृहिणी हैं। वह अपने चाचा एलआईसी विकास अधिकारी धीरेंद्र कुमार को आदर्श मनाते हैं। सफलता का श्रेय बॉटनी के प्रोफेसर वीके प्रसाद को देते हैं। ब्रिजेश बताते हैं कि उनको चौधरी चरण सिंह स्मृति स्वर्ण पदक मिलने की बहुत खुशी है, यह नहीं सोचा था कि टॉपर बनेंगे।
भारतीय वन सेवा में जाना चाहती हैं तनु
सहारनपुर के नकुड़ जैनपुर गांव निवासी तनु चौधरी ने बीएससी कृषि गोचर महाविद्यालय रामपुर मनिहारन कॉलेज से 80.60 फीसदी अंकों के साथ टॉप किया है। उन्होंने 12वीं सरस्वती विद्या मंदिर अंबेठा पीर स्कूल से 81 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण किया। तनु को कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल चौधरी चरण सिंह स्मृति प्रतिभा पुरस्कार द्वितीय से सम्मानित करेंगी।
यह भी पढ़ें: भाकियू में आक्रोश: कलेक्ट्रेट में गरजे किसान, इन पांच बड़ी मांगों को लेकर दिनभर चला धरना, भारी पुलिस बल तैनात
तनु अब गोचर महाविद्यालय से बीएड कर रही हैं। तनु सिविल सर्विसेज के जरिए भारतीय वन सेवा में अधिकारी बनना चाहती हैं। इसके लिए वह अब बीएड के साथ सिविल सर्विसेज की भी तैयारी करेंगी। तनु के पिता ब्रजवीर सिंह किसान हैं, माता रीना देवी गृहिणी हैं। छोटा भाई प्रिंस है। तनु बताती हैं कि सोचा नहीं था कि इतने बड़े विश्वविद्यालय में वह टॉप करेंगी। परिवार में सभी लोग बेहद खुश हैं कि कुलाधिपति तनु को मेडल देंगी। तनु अपनी सफलता का श्रेय कॉलेज के शिक्षकों को देती हैं। तनु सोशल मीडिया में ज्यादा सक्रिय नहीं रहती हैं।