पीडब्ल्यूडी विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को भी मामले से अवगत कराया लेकिन किसी ने कोई सुध नहीं ली सबने गाइड बांध का रोना रोया। नतीजा यह हुआ कि सोमवार की सुबह 4:00 बजे ही यह संपर्क मार्ग गंगा में बैठ गया जिस कारण यहां आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है।
उधर गंगा का जलस्तर बढ़ने से कटान विभीषण रूप धारण कर लिया है। धीरे-धीरे यह संपर्क मार्ग गंगा में समा रहा है। उधर पुल पर भारी वाहनों की लंबी कतार लगी हुई है और आवागमन पूरी तरह बंद हो चुका है।
किसानों को होगी बड़ी परेशानी
हस्तिनापुर क्षेत्र के हजारों किसान गंगा के पार खेती करते हैं, जिसके लिए उन्हें हर रोज इस पुल से गुजर कर अपने खेतों में जाना होता है। पिछले वर्ष भी किसानों ने जमकर हंगामा किया था। उसके बाद सड़क को दुरुस्त किया गया था अब पुल के संपर्क मार्ग टूटने से किसानों के सामने परेशानी बढ़ गई है और खेती करने की चुनौती भी सामने होगी।