गाजियाबाद के एक फ्लैट में शनिवार को दो जिंदगियां मौत की नींद सो गईं। सिपाही राजेश पत्नी को बचाने की गुहार लगाता रहा लेकिन किसी ने एक न सुनी। पत्नी की मौत के बाद राजेश ने भी मौत को चुन लिया। रविवार दोपहर को दंपती के शव उनके आवास पर बरनावा पहुंचे। जहां पुलिस फोर्स की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान काफी संख्या में भीड़ मौजूद रही।
लोनी के आकाश विहार कालोनी में स्थित फ्लैट में आत्महत्या करने वाले बरनावा के सिपाही दंपती के शव रविवार की देर शाम बरनावा पहुंचे तो उनके घर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गयी। आरएएफ अधिकारियों व पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में गमगीन माहौल में सिपाही दंपती का अंतिम संस्कार किया गया।
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बता दे कि बरनावा गांव निवासी राजेश उम्र (24) वर्ष यूपी पुलिस में सिपाही के पद पर गाजियाबाद तैनात था। उसने एक वर्ष पूर्व अपने बड़े भाई जोनी की साली मीनाक्षी जो आरएएफ 108 मेरठ में सिपाही पर तैनात थी से प्रेम विवाह किया था। शनिवार को को दोनों सिपाही दंपती के शव लोनी के आकाश विहार कालोनी में स्थित फ्लैट में मिले। पुलिस के अनुसार मीनाक्षी का शव बेड पर पड़ा था और राजेश का शव फांसी के फंदे पर लटका था।
रविवार को देर शाम सिपाही दंपती के शव जैसे ही बरनावा पहुचे तो उनके घर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गयी। पिता राजे, मां बीरमति, भाई जोनी,विक्की आदि परिवार के लोगों का रोते-रोते बुरा हाल हो गया।
सूचना पर आरएएफ 108 मेरठ से सहायक कमांडेंट गोपालराम, सहायक निरीक्षक बोबिन्दर, सहायक उपनिरीक्षक सुनील, केशपाल, सचिन, अरुण शर्मा व बिनौली थाने इंस्पेक्टर एनएस सिरोही पुलिस फोर्स के साथ पहुचे। इसके बाद गमगीन माहौल में सिपाही दंपती का अंतिम संस्कार किया गया।
आरएएफ 108 मेरठ में तैनात मीनाक्षी बहुत ही होनहार व साहसी थी। आरएएफअधिकारियों के अनुसार वह 15 अगस्त व 26 जनवरी को दिल्ली के इंडिया गेट पर होने वाली परेड में बाईक स्टंट का कार्यक्रम करती थी और महिला सशक्तिकरण के बढ़ावा के लिए कार्य करती थी।