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दीनी तालीम के साथ, कंप्यूटर, विज्ञान का ज्ञान भी दें

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पांचली बुजुर्ग मदरसे में जलसे के दौरान बयान करते मौलाना। - फोटो : SARDANA
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सरूरपुर(मेरठ)। गांव पांचली बुजुर्ग स्थित मदरसा जामिया दारूस्सलाम में सालाना दीनी जलसा आयोजित हुआ। आलिमों ने कहा कि तरक्की के लिए दीन की तालीम के साथ दुनियावी तालीम जरूरी है।
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पांचली स्थित मदरसा जामिया दारूसस्लाम में बृहस्पतिवार को जलसे की शुरूआत कुरआन की तिलावत करके की गई। दारूल उलूम देवबंद के प्रवक्ता मौलाना यामीन ने कहा कि हमें बड़ों का अदब और छोटों से प्यार करना चाहिए। कहा कि पड़ोसी चाहे किसी भी मजहब को मानने वाला हो। उसके सताना नहीं चाहिए। उन्होंने अल्लाह की इबादत में जिंदगी गुजारने की नसीहत की। नबी की सुन्नत के अनुसार जिंदगी गुजारने से ही दुनिया और आखिरत में कामयाबी मिलेगी। उन्होंने कहा कि हमें शादियों में फिजूल खर्च करते हैं जबकि कुछ लड़कियां ऐसी होतीं हैं जिनकी पैसे के चक्कर में शादी होने में दिक्कत होती है। कहा कि हमें दहेज प्रथा खत्म करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दीनी तालीम के साथ बच्चों को विज्ञान, कंप्यूटर, व अन्य दुनियावी तालीम जरूर दिलाएं। मसूरी से आए मौलाना मसूद अहमद कासमी ने कुरान शरीफ की अहमियत बताते हुए कहा कि कुरान को लोगों की हिदायत के लिए उतारा गया है। उन्होंने कुरान हिफ्ज करने पर छात्रों को दस्तारबंदी की। आखिर में मौलाना मसूद अहमद ने अल्लाह की बारगाह में हाथ उठाकर मुल्क में अमनो अमान के लिए दुआ कराई। इस दौरान मदरसे के मोहतमिम मौलाना यूसुफ मसूद कासमी, मौलाना हासिम, मुफ्ती इसराईल, हाफिज बाबर, मौलाना खलील, कारी फजर, पूर्व राज्य मंत्री फारूख हसन व शहजाद प्रधान आदि मौजूद रहे।
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