असुरक्षा के चलते छोड़ रहीं कॉलेज
कॉलेज गांव से करीब डेढ़ किमी बाहर स्थित है। इसलिए छात्राएं जंगल के रास्ते कॉलेज आती हैं। कई बार उनसे छेड़छाड़ की घटनाएं हो चुकी हैं। चहारदीवारी न होने से असामाजिक तत्व परिसर में बैठकर शराब पीते हैं। वहीं, शाम होते ही बिल्डिंग में आवारा गोवंश बंद कर दिए जाते हैं।
टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ना दूभर
छात्रा नेहा व मुस्कान का कहना है कि गर्मी व सर्दी में टाट पट्टी पर बैठना मुश्किल होता है। ऐसे में पढ़ाई पर केंद्रित नहीं हो पाती हैं। कई बार हीनभावना भी हावी हो जाती है।
स्वास्थ्य पर पड़ता है कुप्रभाव
सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुमार के अनुसार टाट पट्टी पर बैठकर पढ़ने से स्वास्थ्य पर कुप्रभाव पड़ता है। कड़ाके की ठंड में छात्राओं के लिए इन पर बैठना मुश्किल होता है। वहीं, गर्मी में भी परेशानी होती है।
अव्यवस्थाएं हावी
प्रधानाचार्या गीता शर्मा का कहना है कि कॉलेज में चहारदीवारी और फर्नीचर नहीं है। शिक्षिकाओं व छात्राओं की सुरक्षा का अभाव है। इसके साथ अन्य अव्यवस्थाएं हावी हैं। इस संबंध में विभागीय अफसरों को अवगत कराया जा चुका है।