मेरठ। रोडवेज के मेरठ रीजन के नोडल अधिकारी बनाए गए आरबीएल शर्मा ने मंगलवार को सभी पांच डिपो की समीक्षा की। उन्होंने महंगे डीजल से हो रहे घाटे को कम करने के लिए डीजल से ज्यादा औसत लेने की बात कही। कहा कि लाभ वाले रूटों पर ज्यादा बसें चलाई जाएं और चालकों-परिचालकों से निर्धारित लोड फैक्टर लिया जाए।
समीक्षा के बाद पत्रकारों से बात करते हुए आरबीएल शर्मा ने बताया कि कोरोना काल और महंगे डीजल की वजह से विभाग को घाटा उठाना पड़ रहा है। विभाग के सामने बिना किराया बढ़ाए ही घाटे को पाटने की बड़ी चुनौती है। महंगे डीजल और बढ़ रहे घाटे के बावजूद विभाग यात्री हित में लगातार बस संचालन कर रहा है। डीजल औसत में रीजन का तीसरा स्थान है। हालांकि इसमें थोड़ा और सुधार करने की जरूरत है। वर्कशाप का निरीक्षण करते हुए उन्होंने सभी फोरमैन को बसों की नियमित जांच कर ठीक करने और टायरों में हवा लेवल सही रखने के साथ ही डीजल की खपत ज्यादा करने वाली बसों की विशेष देखभाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने पांचों बस अड्डों के लिए खानपान समेत कुल 44 स्टालों की मंजूरी के लिए प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेजा हुआ है। वहां से हरी झंडी मिलते ही स्टाल स्थापित कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। ईटीएम की दिक्कत के बारे में बताया कि टेंडर प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही ईटीएम की समस्या दूर कराई जाएगी। उन्होंने सभी एआरएम से कहा कि वे परिचालकों को आय का लक्ष्य दें और रूट से वापसी में परिचालक से यात्री टिकटों की समीक्षा करें।