मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट पर मंडरा रहे ध्वस्तीकरण के खतरे ने व्यापारियों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। लगातार जनप्रतिनिधियों के चक्कर काटने के बाद भी कोई ठोस राहत न मिलने से व्यापारियों में भारी आक्रोश है। मंगलवार को व्यापार बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले व्यापारियों ने भगवान की शरण लेते हुए विशाल सुंदरकांड व संकीर्तन का आयोजन किया ताकि सरकार तक उनकी मार्मिक अपील पहुंच सके।
कार्यक्रम का शुभारंभ दिनेश मखीजा ने ज्योति प्रज्वलित कर किया। इस दौरान विनीत गुप्ता, यश अग्रवाल, राहुल मलिक, गौरव वरमानी, सुमित रस्तोगी, अमित अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में व्यापारी एकजुट हुए। व्यापार मंडल अध्यक्ष जिेंद्र अग्रवाल ने दो टूक कहा कि अपने प्रतिष्ठानों और रोजी-रोटी को बचाने के लिए उनका संघर्ष अंतिम सांस तक जारी रहेगा।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश और 13 मार्च की समय सीमा
उल्लेखनीय है कि आवासीय प्लॉट पर व्यावसायिक गतिविधियों के इस पुराने मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने बीती 27 जनवरी को कड़ा रुख अपनाते हुए छह सप्ताह के भीतर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी करने के आदेश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 13 मार्च को होनी है। व्यापारियों का कहना है कि ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर के आश्वासन पर उन्होंने अपना बाजार बंद का निर्णय चार दिन के लिए टाला था लेकिन वह समय सीमा अब समाप्त हो रही है और भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है।
पीएम और सीएम से मिलने की जिद
22 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मेरठ आगमन को देखते हुए व्यापारी वर्ग उनसे मिलने का समय मांग रहा है। व्यापारियों का कहना है कि वे अपनी पीड़ा सीधे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के सामने रखना चाहते हैं ताकि इस बाजार को उजड़ने से बचाया जा सके।
प्रशासन पर उठाए सवाल
वहीं, आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश सभी प्राधिकरणों पर लागू होते हैं लेकिन कार्रवाई केवल सेंट्रल मार्केट पर ही केंद्रित की जा रही है। यह मामला अब मुख्यमंत्री पोर्टल तक पहुंच चुका है, जिस पर शासन ने आवास आयुक्त से विस्तृत जवाब तलब किया है।
बता दें कि भवन संख्या 661/6 में व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स ध्वस्तीकरण का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने पहली बार 17 दिसंबर 2024 को दिया था। 25-26 अक्तूबर को कॉम्प्लेक्स को ध्वस्त किया गया था। लेकिन आरटीआई कार्यकर्ता ने इसे अधूरा बताते हुए अवमानना याचिका दायर कर दी।
फ्लैशबैक: 17 दिसंबर से अब तक का घटनाक्रम
शास्त्रीनगर आवास एवं विकास परिषद की स्कीम नंबर सात के तहत आने वाले भवन संख्या 661/6 में व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स के निर्माण को लेकर विवाद लंबा है।
17 दिसंबर 2024: सुप्रीम कोर्ट ने पहली बार ध्वस्तीकरण का आदेश दिया। लेकिन आरटीआई कार्यकर्ता ने इसे अधूरा बताते हुए अवमानना याचिका दायर कर दी।
1 दिसंबर: सर्वोच्च न्यायालय ने दो महीने के भीतर पूरी कार्रवाई कर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।
27 जनवरी: कोर्ट ने सख्त लहजे में 6 हफ्तों के भीतर पूरी तरह ध्वस्तीकरण का आदेश सुनाया।
13 मार्च: अब इस मामले की अगली निर्णायक सुनवाई होगी।