साइकिल से 12 से 13 किमी का सफर तय कर वह कैलाश प्रकाश स्टेडियम में प्रशिक्षण करने जाती थीं। उनकी यही मेहनत रंग लाई और वह आगे बढ़ती चली गईं। पारुल ने 2018 में बैंकाक में हुई एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता।
2023 के एशियन गेम्स में उन्होंने 5000 मीटर दौड़ में स्वर्ण और 3000 मीटर स्टीपल चेज में रजत पदक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा को साबित कर दिया। उन्हें रानी लक्ष्मीबाई अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। इस मौके पर उत्तर प्रदेश एथलेटिक संघ के अध्यक्ष आशुतोष भल्ला, सचिव देवेश, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी योगेंद्र पाल सिंह, एथलेटिक संघ के अनु कुमार ने बधाई दी।
हर खिलाड़ी का सपना होता है उसे अर्जुन अवार्ड मिले
पारुल ने कहा कि अर्जुन अवार्ड मिलना सपना सच होने जैसा है। हर खिलाड़ी यही चाहता है कि उसे यह सम्मान मिले। उन्होंने इसके लिए सभी को शुक्रिया कहा। उनका कहना है कि प्रदेश सरकार पहले ही उन्हें डीएसपी बनाकर सपना पूरा कर चुकी है। अब ओलंपिक के लिए वह पूरी तरह तैयार हैं।
खिलाड़ियों का बढ़ेगा उत्साह : अलका तोमर
2007 के खेलों के लिए अर्जुन अवार्ड प्राप्त करने वाली पहलवान अलका तोमर ने पारुल को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इससे अन्य खिलाड़ियों में भी उत्साह बढ़ेगा और वह अधिक से अधिक पदक लाएंगे।
ओलंपिक में भी लाएंगी पदक : गौरव त्यागी
कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम के एथलेटिक कोच गौरव त्यागी ने भी पारुल को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पारुल की कड़ी मेहनत का ही नतीजा है जो उन्हें ये मुकाम मिला है। ओलंपिक में भी वह पदक लाएंगी।
इससे पहले इन्हें मिला अर्जुन
-2007 के खेलों के लिए पहलवान अलका तोमर
-2020 के लिए अंतरराष्ट्रीय शूटर सौरभ चौधरी
-2021 में हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया, पहलवान दिव्या काकरान
-2022 में एथलीट सीमा अंतिल