गढ़ गंगा में कुलदीप सिंह की अस्थियां विसर्जित।
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कुलदीप तुम मुझे बहुत याद आओगे, तुम्हारी कमी मुझे जिंदगीभर कमी खलेगी। मुझे नहीं पता था, हंसते-खेलते इस जीवन में मुझे यह दिन भी देखना पड़ेगा कि अपने हाथों से ही आपकी अस्थियों को गंगा में विसर्जित करना पड़ेगा। पति की तस्वीर लेकर गंगा घाट पर पहुंची कुलदीप की पत्नी ने परिवार के साथ गढ़ गंगा में अस्थियां विसर्जित की तो हर किसी की आंखें नम हो गईं।
सीडीएस बिपिन रावत के साथ हेलीकॉप्टर हादसे में दिवंगत स्क्वाड्रन लीडर कुलदीप सिंह का परिवार सोमवार देर रात गढ़ गंगा पर पहुंचा। उनके साथ में कुलदीप सिंह की भाभी अपूर्वा, भाई मनोज, चचेरे भाई सुरेंद्र व राजेंद्र और साला मानवेंद्र और कुलदीप की पत्नी यश्विनी ढाका, सास सावित्री ढाका भी शामिल थे। इसके अलावा अन्य रिश्तेदार भी अस्थि विसर्जन में शामिल होने के लिए पहंचे। मंगलवार सुबह परिवार के सदस्यों ने कुलदीप की पत्नी यश्विनी के साथ बोट में बैठकर गंगा में अस्थियां विसर्जित की। अस्थियां विसर्जित करने से पहले करीब आठ घंटे का सफर तय करके पहुंची यश्विनी अपने पति कुलदीप की तस्वीर गोद में लेकर बैठी रहीं।
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वहीं जब उन्होंने अस्थियां विसर्जित की तो वह अपने को रोक नहीं पाईं और आंखों से आसुओं का सैलाब निकल पड़ा। रोते हुए बोलीं कि कुलदीप तुम मुझे बहुत याद आओगे। आपका बीच में छोड़कर जाना मुझे जिंदगीभर का दुख देकर गया है। अब मैं किसके सहारे रहूंगी। भगवान ने भी मेरी डोर तोड़ दी और तुम्हें मुझसे छीन लिया। काफी देर तक गंगा घाट पर ही कुलदीप की पत्नी रोती रहीं। उन्हें देखकर परिवार के सदस्य भी परेशान दिखे और ढांढस बंधाया।
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कुलदीप की तेरहवीं का कार्यक्रम उसके पैतृक गांव राजस्थान के झुंझुनू जिले के घरदाना खुर्द में शुक्रवार को होगा। परिवार के सदस्य कुलदीप के गांव घरदाना के लिए रवाना हो गए हैं।