सीजेडीएवी की 10वीं की छात्रा मान्या माहेश्वरी ने 98.4 अंक प्राप्त कर स्कूल टॉप किया। वह जिले में चौथा स्थान पर हैं। मान्या पढ़ाई को टेंशन नहीं बनाती हैं, पढ़ाई के साथ फुटबॉल, सोशल मीडिया पर अपडेट और टीवी भी देखना पसंद करती हैं। गढ़ रोड स्थित बैंक कालोनी निवासी छात्रा ने दो विषयों को छोड़कर बाकी विषयों में शत प्रतिशत अंक हासिल किए हैं।
अंग्रेजी में 95, हिंदी में 100, मैथ में 100, साइंस में 97, सोशल साइंस में 100, जबकि एडिशनल सब्जेक्ट आईटी में 100 अंक हासिल किए हैं। पिता गुजरात की एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, जबकि माता रश्मि माहेश्वरी गृहणी हैं। तीन बहन-भाइयों में मान्या सबसे छोटी हैं।
अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों, भाई और बड़ी बहन मानवी को दिया है। मान्या ने बताया कुछ दिन ट्यूशन पढ़ने के बाद सेल्फ स्टडी पर अधिक जोर दिया। आईआईटी से बीटेक कर इंजीनियर बनना चाहती हैं। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा बिंदास होकर पढे़ं, तनावमुक्त होकर पढ़ाई करें।
लक्ष्या गोयल ने किया केवी डोगरा लाइंस टॉप
सीबीएसई 10वीं में केंद्रीय विद्यालयों का परिणाम भी शानदार रहा। केंद्रीय विद्यालय डोगरा लाइंस का परिणाम शत प्रतिशत रहा। डोगरा लाइंस की लक्ष्या गोयल ने 97.66 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम, कुशाग्र गर्ग 96.83 प्रतिशत अंक के साथ द्वितीय और सागर अरोरा 96 प्रतिशत अंक के साथ तृतीय स्थान पर रहे। केंद्रीय विद्यालय सिख लाइंस का परीक्षा परिणाम 99.28 प्रतिशत रहा। ईशा ने 91.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर स्कूल टॉप किया। कनिष्ठ कुमार 90 प्रतिशत द्वितीय और राजू 89.8 प्रतिशत ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। स्कूल के प्रधानाचार्य ने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी।
मां ने बढ़ाया हौसला, बेटी ने छुआ आसमान
- 10वीं कक्षा में 96.8 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाली आयुषी एमपीजीएस में रही सेकेंड टॉपर
मां ने बढ़ाया हौसला तो बेटी ने छू लिया आसमान। नेहरू नगर निवासी 15 वर्षीय आयुषी गुप्ता ने सीबीएसई 10वीं कक्षा में 96.8 प्रतिशत अंक हासिल कर एमपीजीएस में दूसरा स्थान प्राप्त किया। आयुषी ने सफलता का श्रेय मां को दिया। आयुषी ने बताया कि पिता की मृत्यु के बाद मां ने काफी संघर्ष किया है। मां ने घर पर सिलाई कर उनके सपनों को साकार करने का दृढ़ निश्चय किया था।
आयुषी का कहना है कि आज पिता होते तो बहुत खुश होते। मां के संघर्ष की कहानी बताते हुए वह फफक कर रो पड़ी। आयुषी का लक्ष्य सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का है। वहीं आयुषी की कहानी सुनने के बाद एमपीजीएस प्रधानाचार्य सपना आहूजा की आंखें भी नम हो गई। उन्होंने स्कूल प्रबंधन से बात कर आयुषी की हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया है।
मन लगाकर पढ़ोगे तो कामयाबी कदम चूमेगी : वंशुली
-द मिलेनियम पब्लिक स्कूल में 98.8 प्रतिशत अंक लाकर जिले में सेकंड टॉपर बनी छात्रा
द मिलेनियम पब्लिक स्कूल सुशांत सिटी की छात्रा वंशुली अग्रवाल ने जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। उनके 98.8 प्रतिशत अंक हैं। उनका कहना है कि जितना भी पढ़ो मन लगाकर पढ़ो। कामयाबी आपके कदम चूमेगी।
पिता गौरव अग्रवाल बिजनेसमैन हैं। मां गृहणी हैं। मां ने ही उन्हें और उनकी छोटी बहन सौम्या को पढ़ने के लिए प्रेरित कर इस मुकाम तक पहुंचाया। उनका कहना है कि आज लड़कियां किसी से कम नहीं हैं। छात्रा ने अपने परिवार के साथ ही शिक्षकों को सफलता का श्रेय दिया है।
चिकित्सक बनना है यशस्वी का सपना
केएल इंटरनेशनल स्कूल में 98.2 फीसदी अंक लाने वाली यशस्वी गुप्ता को डॉक्टर बनना है। स्कूल में तीसरा व जिले में पांचवां स्थान पर रहने वाली छात्रा को पढ़ना और डांस करना पसंद है। उनके पापा मनोज कुमार एक कंपनी में जॉब करते हैं और मम्मी शालिनी गुप्ता गृहणी हैं। शास्त्री नगर निवासी यशस्वी ने रोजाना 4 से 5 घंटे पढ़ाई की। वह कहती हैं कि इंग्लिश में 100 नंबर मिलना ठीक नहीं है।
क्योंकि हर शिक्षक का कॉपी चेक करने का अपना तरीका होता है, लेकिन ग्रामर में गलती होती ही हैं। ऑनलाइन स्टडी की बजाय रेगुलर क्लास होना ज्यादा अच्छा है। उन्होंने बिना कोचिंग के सफलता हासिल की है। यशस्वी का बड़ा भाई प्रथम गुप्ता इसी वर्ष कॉलेज में पहुंचा है। उसने 12वीं में 95 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं। छात्रा का कहना है कि टीचर और मम्मी पापा ने बहुत मदद की। अगर आप सफल होना चाहते हो तो सोशल मीडिया से दूर रहो और पढ़ाई पर फोकस करो। पिछले साल के पेपर अवश्य हल करें।