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ईंटों से लदा कैंटर पलटा, सेवानिवृत्त दरोगा के बेटे की मौत

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ईंटों से लदा कैंटर पलटा, सेवानिवृत्त दरोगा के बेटे की मौत
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मोदीपुरम (मेरठ)। दिल्ली देहरादून हाईवे पर स्थित खड़ौली गांव के पास शनिवार सुबह अनियंत्रित होने पर ईंटों से लदा कैंटर पलट गया। इसके नीचे दबने से साइकिल सवार सेवानिवृत्त दरोगा बाबूराम के बेटे विपिन (37) की मौत हो गई, जबकि स्कूटी पर सवार शिक्षिका पूजा गंभीर रूप से घायल हो गईं। पूजा पांचली इंटर कॉलेज में सेवारत हैं। विपिन के पिता लकवाग्रस्त हैं और उसका छह माह का बेटा भी है। विपिन इकलौता बेटा होने के साथ ही परिवार का मुख्य सहारा था। वह बागपत रोड पर फ्लाईओवर के पास एक प्रापर्टी डीलर के पास काम करता था।
हादसे से पहले कैंटर दिल्ली की ओर से आ रहा था। खड़ौली के पास खडौली गांव स्थित वंडर सिटी कॉलोनी के सामने चालक नियंत्रण खो बैठा और खाई में पलट गया। कैंटर के बराबर से गुजर रही रोहटा रोड नंद विहार कॉलोनी निवासी शिक्षिका पूजा पत्नी अनिल और मुल्ताननगर निवासी साइकिल सवार मजदूर विपिन चपेट में आ गए। दोनों के दबने के बाद आसपास के लोग दौड़े।
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लोगों ने कैंटर को उठाकर शिक्षिका को तो निकाल कर निजी अस्पताल में भिजवा दिया, मगर विपिन काफी देर तक दबा रहा। पुलिस के पहुंचने पर दो क्रेन मंगवाई गईं, तब उसे निकाला गया। तब तक वह दम तोड़ चुका था। हादसे के दौरान हाईवे पर जाम लग गया। बाद में पुलिस ने ईंटों और कैंटर को साइड में लगवाया और जाम पर काबू पाया। पुलिस का कहना है कि अभी किसी पक्ष से तहरीर नहीं मिली है।
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विपिन की हालत देख निकल गई चीख
- जिस समय विपिन को कैंटर के नीचे से निकाला गया, तो उसका पैर अलग हो चुका था। यह हालत देख कुछ लोगों की चीख तक निकल गई। पुलिस ने परिजनोें को सूचित किया तो परिवार में कोहराम मच गया। वहीं, शिक्षिका के परिजन अस्पताल पहुंचे।
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शायद बच जाती विपिन की जान
- कुछ लोगों का कहना था कि शिक्षिका को तो निकाल लिया गया, मगर विपिन काफी देर तक वाहन के नीचे दबा रहा। पुलिस और क्रेन के पहुंचने में काफी देर हो गई। यदि विपिन को जल्द ही निकाल लिया जाता तो शायद उसकी भी जान बच जाती, मगर ऐसा नहीं हो पाया।
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अवैध कट बने मौत का कारण
- हाइवे पर खुले अवैध कट मौत का कारण बन रहे हैं। कट पर दुपहिया वाहन एकदम अपना वाहन निकाल लेते हैं। इस कारण तेजी से आ रहा चार पहिया वाहन चालक अपना संतुलन खो बैठता है और बड़े हादसे का सबब बन जाता है। बताया गया है कि शनिवार को भी कैंटर चालक किसी दुपहिया वाहन चालक के अचानक अवैध कट से निकलकर सामने आने पर संतुलन खो बैठा था।
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डेढ़ सप्ताह में गई नौ लोगों की जान
- हाइवे पर हो रहे हादसों में डेढ़ सप्ताह में नौ लोगों की जान जा चुकी है। हाल ही में शादी का कार्ड बांटने जा रहे अरविंद व सचिन की ट्रक से कुचलने के कारण मौत हो गई थी। वहीं, बागपत निवासी सेवानिवृत्त फौजी कृष्णपाल, पत्नी मीनू व बेटे अंशुल को ट्रक ने कुचल दिया था। एक सप्ताह पहले रात में बस की टक्कर से कार सवार हरिद्वार के कनखल निवासी तीन युवकों की जान चली गई थी। शनिवार को विपिन की कैंटर के नीचे दबने से मौत हो गई।
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