फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रातभर रस्से से बंधा खड़ा रहा हेलीकॉप्टर

विज्ञापन
बिजनौर पुलिस लाइन में रस्सी से बंधा हेलीकाप्टर। - फोटो : BIJNOR
विज्ञापन
रातभर रस्से से बंधा खड़ा रहा हेलीकॉप्टर
विज्ञापन

बिजनौर। कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले में पुष्पवर्षा के लिए आए हेलीकॉप्टर को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया और रात में ही उसमें रस्सी बांध दी गई और बैटरी निकाल ली गई। करीब 25 घंटे तक पुलिस लाइन में खड़ा रहा। पुलिस महकमे ने एवियशन कंपनी से 3.75 लाख रुपये सुरक्षा में लगी पुलिस फोर्स के खर्च के तौर पर वसूले, उसके बाद हेलीकॉप्टर शनिवार को 3:59 बजे हेलीकॉप्टर ने उड़ान भर पाया।
यह हेलीकॉप्टर शुक्रवार को करीब तीन बजे बिजनौर पुलिस लाइन में उतरा था। बिजनौर के हवाई क्षेत्र में उड़ान की अनुमति नहीं होने के कारण इसे खड़ा कर दिया गया था। 25 घंटे तक पुलिस लाइन में हेलीकॉप्टर खड़ा रहा। जिला पंचायत ने घोषणा की थी कि गंगा स्नान मेले में श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर के पुष्पवर्षा की जाए जाएगी। शुक्रवार को सुबह से ही गंगा स्नान मेेले में पुष्पवर्षा किए जाने का इंतजार हो रहा था। तमाम लोग इस वजह से रुक गए थे कि पुष्पवर्षा और हेलीकॉप्टर देखकर ही लौटेंगे। चार बजे तक हेलीकॉप्टर नहीं आया तो मेले में निराशा छा गई। जिला पंचायत की ओर से बुकिंग कराने के लिए अक्षय के अकाउंट से पैसा ट्रांसफर किया गया था। समय पर हेलीकॉप्टर नहीं पहुंचने और प्रिंस चौधरी की बुकिंग भी कर लेने पर पुलिस को तहरीर दे दी गई। जिस पर प्रभु हैली सर्विस ने दो लाख दस हजार रुपये अक्षय के खाते में वापस कर दिए। प्रिंस चौधरी के देहरादून से सवार होने का हवाला देते हुए अभी नहीं लौटाया गया है।
विज्ञापन

यह था विवाद
जिला पंचायत ने करीब दो लाख रुपये में नोएडा प्रभु हैली सर्विस कंपनी में बुकिंग कर दी। प्रशासन की ओर से पुष्प वर्षा के लिए प्रभु एविएशन कंपनी को अनुमति भी दे दी गई। मौसम की खराबी के चलते नोएडा से हेलीकॉप्टर उड़ नहीं पाया। प्रभु हेली सर्विस कंपनी ने जिला पंचायत अधिकारियों को बताया कि उन्होंने देहरादून की आर्यन एविएशन को बुकिंग ट्रांसफर कर दी। इस कंपनी का हेलीकॉप्टर करीब तीन बजे बिजनौर की पुलिस लाइन में उतरा तो उसमें पहले से ही भाजपा नेता प्रिंस चौधरी बैठे थे और उन्होंने दावा किया कि वह इसे बुक करके लाए हैं। इस पर तकनीकी पेंच फंस गया। उतरने की अनुमति जिला पंचायत के पास थी और हेलीकॉटर की बुकिंग रसीद प्रिंस चौधरी के पास। जिला पंचायत अध्यक्ष और प्रिंस चौधरी में से पुष्पवर्षा कौन करेगा, इस विवाद का समाधान नहीं हो पाया।
चार सीओ और पांच थाना इंचार्ज देते रहे पहरा
बिजनौर। हेलीकॉप्टर की सुरक्षा में लगी पुलिस गार्द और अधिकारियों के वेतन का दो दिन का खर्च का तीन लाख 75 हजार का बिल बना। सुबह से ही हेलीकॉप्टर ले जाने की जल्दी में कंपनी और पायलट लगे हुए थे, लेकिन पुलिस लाइन के प्रतिसार निरीक्षक पहले रकम जमा कराने की बात कही। आखिरकार आर्यन एविएशन को रकम जमा करनी पड़ी।
पुलिस लाइन में खड़े हेलीकॉप्टर की सुरक्षा में चार सीओ और पांच थाना इंचार्ज पुलिस बल के साथ पहरा देते रहे। पुलिस बल को हेलीकॉप्टर के चारों ओर तैनात किया गया था। प्रतिसार निरीक्षक शिव बालक वर्मा ने बताया कि हेलीकॉप्टर की कीमत करोड़ों में होती है, अगर कोई कमी आ जाती तो सुरक्षा पर सवाल उठ जाते। ऐसे में रातभर सुरक्षा करनी पड़ी। संवाद
शाम ढल जाने की वजह से शुक्रवार को हेलीकॉप्टर नहीं उड़ पाया था। रातभर सुरक्षा में पुलिस फोर्स तैनात की गई। शनिवार को मौसम खराब होने की वजह से दोपहर तक नहीं उड़ा सका। सुरक्षा में लगी पुलिस गार्द और हेपीपैड का खर्च हेलीकॉप्टर कंपनी वाले पौने चार लाख जमा कराकर गए हैं।
-डॉ. धर्मवीर सिंह, एसपी
पुष्पवर्षा में अड़ंगे का विलेन कौन, पूछ रहे लोग
- दिनभर सोशल मीडिया पर छाया रहा पुष्प वर्षा के विवाद का मुद्दा
बिजनौर। कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले में तैयारी के बाद भी पुष्पवर्षा नहीं हो सकी। पुष्पवर्षा में अड़ंगे का विलेन कौन है, यह लोग पूछ रहे हैं। सोशल मीडिया पर दिनभर ये मुद्दा छाया और लोग अपनी अपनी प्रतिक्रिया देते रहे।
बिजनौर के इतिहास में पहली बार किया गया हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा का प्रयास परवान नहीं चढ़ पाया।
कुंभ में, कांवड़ यात्रा में और अन्य जगहों पर पुष्प वर्षा होती रही है। बिजनौर में भी तिगरी गंगा स्नान मेला और कुंभ की तर्ज पर पुष्प वर्षा कराने की योजना पहली बार बनी। जिला पंचायत ने प्रयास करते हुए रात में बुकिंग कर दी। प्रशासन से अनुमति ली गई। अनुमति में पुलिस लाइन में लैंडिंग और विदुर कुटी मेले में पुष्प वर्षा का जिक्र था। पुष्पवर्षा नहीं होने का घटनाक्रम सोशल मीडिया पर छाया रहा। लोग अपनी अपनी प्रतिक्रिया देते रहे। सवाल यही दौड़ता रहा कि पुष्पवर्षा नहीं होने का विलेन कौन है। संवाद
एक बुकिंग की रकम लौटाई, दूसरी पर फंसा पेंच
जिला पंचायत की ओर से बुकिंग कराने के लिए अक्षय के अकाउंट से पैसा ट्रांसफर किया गया था। समय पर हेलीकॉप्टर नहीं पहुंचने और प्रिंस चौधरी की बुकिंग भी कर लेने पर पुलिस को तहरीर दे दी गई। जिस पर प्रभु हेली सर्विस ने दो लाख दस हजार रुपये अक्षय के खाते में वापस कर दिए। उधर प्रिंस चौधरी के देहरादून से सवार होने का हवाला देते हुए अभी नहीं लौटाया गया है।
विज्ञापन

दोनों नेताओं की ओर से दी गई तहरीर
हेलीकॉप्टर मामले में पुष्पवर्षा तो नहीं हो सकी, लेकिन इसके बाद दोनों पक्ष डैमेज कंट्रोल में लग गए। पूरा मामला हेलीकॉप्टर कंपनी की ओर मुड़ गया। जिला पंचायत की ओर से विवेक ने और दूसरी तरफ प्रिंस चौधरी ने हेलीकॉप्टर बुकिंग करने वाली कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी की तहरीर दी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें