साल 2022 की शुरुआत में ही जीएसटी की बढ़ी हुई दरों के कारण रेडीमेड गार्मेंट के साथ जूते भी महंगे हो जाएंगे। जूते और कपड़ों पर 5 प्रतिशत से बढ़ाकर टैक्स 12 प्रतिशत कर दिया गया है। व्यापारिक एसोसिएशन के अनुसार कंपनी भी अब 999 वाले ऑफर को बंद कर देंगी। इसका सीधा प्रभाव ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा। अब तक एक हजार रुपये कीमत के कपड़ों पर पांच प्रतिशत और उससे अधिक पर 12 प्रतिशत टैक्स लगाया जाता था।
15 प्रतिशत बढ़ सकते हैं रेट
जब भी रेट बढ़ाए जाते हैं तो राउंड फिगर में बढ़ाए जाते हैं। कंपनी अब 5 प्रतिशत के स्थान पर 15 प्रतिशत तक रेट बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं। इसका सीधा प्रभाव ग्राहक की जेब पर पड़ेगा।
-हिमांशु, मुलतानी फेमिना स्टोर, आबूलेन
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सर्दियों की संपूर्ण ड्रेस
अमूमन एक युवक की सर्दियों की संपूर्ण ड्रेस चार हजार रुपये में तैयार हो जाती है। इसमें 5 प्रतिशत टैक्स के साथ ट्राउजर 800 रुपये, स्वैट शर्ट एक हजार रुपये, मफलर 200 रुपये, टोपी 200 रुपये, हाफ जैकेट टैक्स के साथ हजार रुपये, जूते टैक्स के साथ 800 रुपये में मिलते हैं। अब अगर 4 हजार का सामान खरीदा तो उस पर 480 रुपये टैक्स वसूला जाएगा।
मध्यम वर्ग पर पड़ेगी मार
शहर में ज्यादातर मध्यम वर्ग के लोग एक हजार से कम के ही जूते खरीदते हें। ऐसे में उनपर 5 प्रतिशत टैक्स लगता है। अब 12 प्रतिशत टैक्स होने से जूते भी महंगे हो जाएंगे।
-प्रभात, जॉन बूट हाउस, आबूलेन।
कपड़े या धागे पर 12 प्रतिशत टैक्स है और रेडीमेड पर 5 प्रतिशत टैक्स लिया जाता है। इसमें मैन्यूफैक्चर 12 प्रतिशत टैक्स देकर 5 प्रतिशत टैक्स रिटेलर से और सरकार से इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर पर 7 प्रतिशत टैक्स है। इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के सरलीकरण का दावा महंगाई बढ़ाकर किया जा रहा है। 5 प्रतिशत टैक्स होना चाहिए।
-केपी सिंह, सीए