मेरठ। हर साल की तरह इस साल भी भाईदूज पर रोडवेज की व्यवस्था ध्वस्त हो गई। जाम के चलते 500 बसें भी कम पड़ गईं। बहनों को घंटों इंतजार करना पड़ा। हालात ये रहे कि अड्डे में बस आते ही बैठने के लिए लोग दौड़ पड़ते। लोग दरवाजे के साथ ही खिड़कियों से भी घुसते रहे। जिन बहनों की गोद में बच्चे थे उन्हें अधिक परेशानी हुई। इस अफरातफरी में कई यात्रियों को हल्की चोट भी आई। भीड़ का जेबकतरों ने भी जमकर फायदा उठाया। कई यात्रियों की जेब कटने और मोबाइल चोरी होने की शिकायत पुलिस के पास पहुंची। शक के आधार पर सदर पुलिस कई युवकों को थाने ले गई।
सुबह के समय यात्रियों की संख्या कम होने से तो दिक्कत नहीं हुई, लेकिन दोपहर आते-आते भैसाली और सोहराबगेट बस अड्डे पर भारी भीड़ उमड़ने लगी। कुछ देर तो यात्रियों को बागपत, शामली, बड़ौत, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, मोहननगर, वैशाली, बुलंदशहर, हापुड़, बिजनौर आदि के लिए बस मिलीं, लेकिन उसके बाद रूट पर गई बसें जाम में फंसती रहीं। इससे बसों का टाइम शेड्यूल गड़बड़ा गया। बसों के वापस अड्डों पर नहीं पहुंचने से इमरजेंसी के लिए रखी गई बसें भी निकाल दी गई। इसके बावजूद यात्रियों की भीड़ अड्डे पर बनी रही। इस बीच जो भी बस आती गई वह एक मिनट के अंदर भरती रही। सबसे ज्यादा दिक्कत बड़ौत, शामली, गाजियाबाद, मोहननगर, हापुड़, बुलंदशहर, गढ़मुक्तेश्वर, मुजफ्फरनगर आदि रूटों पर हुई। आरएम केके शर्मा ने बताया कि यात्रियों की संख्या के हिसाब से बसों की व्यवस्था की गई थी। रास्तों में लगे जाम की वजह से बसों को वापस पहुंचने में समय लगा। इसके चलते ही कुछ रूटों पर यात्रियों को बस का इंतजार करना पड़ा। 54 सीटर बस में 70 से 75 यात्रियों को सफर करना पड़ा।
टोल से 24 घंटे में निकले 37 हजार वाहन
मोदीपुरम। सिवाया टोल पर सुबह से शाम तक जाम की स्थिति रही। पिछले 24 घंटे में 37 हजार वाहन निकले। जाम लगने से वाहन चालक भराला व सिवाया मार्ग से निकलते नजर आए। जिस कारण भराला गांव में भी जाम लग गया। दिनभर पुलिसकर्मी व टोलकर्मी जाम खुलवाने में लगे रहे।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से गुजरे एक लाख 25 हजार वाहन
मेरठ। दिल्ली से मेरठ के बीच सफर करने वाले लोगों ने राहत की सांस ली। महज 50 मिनट में दिल्ली से मेरठ का सफर पूरा हो गया। मेरठ क्षेत्र में काशी टोल प्लाजा पर बनाए गए कंट्रोल रूम में सुपर विजन कैमरे से की गई वाहनों की गिनती में एक लाख 25 हजार वाहन एक्सप्रेसवे से गुजरे। इसमें 20 हजार वाहन दोपहिया थे। हालांकि, कई बार एक्सप्रेसवे पर दोपहिया वाहनों को न दौड़ाने के लिए सख्त निर्देश दिए गए, लेकिन इस पर कोई भी कार्य नहीं हो सका। सफर के आसान बनने के बाद कई लोग एनएचएआई का धन्यवाद भी कर रहे हैं। इस बात को भी एनएचएआई अपने ट्विटर एकाउंट पर लगातार शेयर करता रहता है।
हाईवे पर लगा नौ किमी. लंबा जाम
मुरादनगर/मोदीनगर। दिल्ली-मेरठ हाईवे पर जाम ने रुला दिया। मुरादनगर में पांच किमी और मोदीनगर में करीब चार किमी तक वाहनों की कतार लग गई।
दिल्ली-मेरठ हाईवे पर मोदीनगर में सीवर लाइन बिछाने व रैपिड रेल के निर्माण के कारण रोजाना जाम की स्थिति बनी रहती है। शनिवार सुबह करीब आठ बजे हाईवे पर जाम लगना शुरू हुआ। सबसे पहले सौंदा कट पर जाम लगा। इसके बाद मोदीनगर, कादराबाद से लेकर मनोटा गांव के सामने जाम के कारण करीब चार किमी लंबी वाहनों की कतार लग गई। मुरादनगर में मोरटा से लेकर गंगनहर तक करीब पांच किमी लंबी वाहनों की लाइन लग गई। जाम से बचने के लिए लोगों ने पाइपलाइन मार्ग, गंगनहर पटरी, कनौजा-कुशलिया संपर्क मार्ग व दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का सहारा लिया। वाहनों के अधिक दबाव के चलते दोपहर करीब तीन बजे तक लोग जाम से जूझते रहे। सुबह से लेकर रात तक हाईवे पर वाहन रेंगते रहे। 15 मिनट का सफर तय करने में दो घंटे तक लग गए।