फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेरठ पहुंची बुलेट रानी

Thu, 17 Dec 2015 12:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
विज्ञापन
हैदराबाद की सना इकबाल (27) बुलेट रानी बनकर देश के भ्रमण पर हैं। डिप्रेशन का शिकार हो चुकीं सना ने ठाना है कि वह युवाओं को तनाव से बचाने के लिए अपना योगदान देंगी।
विज्ञापन


अपने मकसद को पूरा करने के लिए सना एक अनूठे अभियान पर बुलेट रानी बनकर निकली हैं। सना ने छह महीने में बुलेट पर पूरे देश का भ्रमण करने का लक्ष्य रखा है। बुलेट चलाना पसंद है इसलिए इसे अपनी सवारी बनाया।

मंगलवार को छह हजार किमी का सफर तय कर और 20 शहरों में घूमने के बाद सना मेरठ में पहुंचीं। इस्माईल नेशनल महिला डिग्री कॉलेज में छात्राओं को लेक्चर दिया। समय बर्बाद नहीं करने की सलाह दी। सना ने अपनी मुहिम को लेकर ‘अमर उजाला’ से बातचीत की।
विज्ञापन


सना शादीशुदा हैं और उनका पांच महीने का बच्चा है। इतने छोटे बच्चे को छोड़कर भारत भ्रमण पर निकल पड़ना वो भी छह महीने के लिए, इस सवाल पर सना का कहना है कि उनकी मां और बहनों का पूरा सपोर्ट है। वह अपनी जिंदगी अपने तरीके से जीना चाहती हैं।

एमए साइकोलॉजी की छात्रा सना कारपोरेट ट्रेनिंग देती हैं। कम्युनिकेशन स्किल्स और इंटरव्यू को लेकर ट्रेनिंग देती हैं। सना के मुताबिक कई साल तनाव में गुजराने के बाद उन्हें इल्म हुआ कि युवाओं को इससे बचाने की जरूरत है। डिप्रेशन में आकर युवा सुसाइड न करें।

इसके लिए जागरूकता अभियान छेड़ा है। बुलेट से देश की यात्रा का आइडिया कैसे आया। इस सवाल के जवाब में कहा कि दोस्तों ने सलाह दी कि वह यात्रा के साथ अपना लेक्चर भी दें। 24 नवंबर को यात्रा गोवा से शुरू की। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के 20 शहरों में वह जा चुकी हैं। अगला पड़ाव रुड़की है।

शिक्षा संस्थानों में देती हैं व्याख्यान
सना के पास साढ़े तीन साल से बुलेट है। वह बताती हैं कि जब बुलेट चलाती हैं तो जिंदगी की सारी उलझन पीछे छूट जाती है। खुद को आजाद महसूस करती हैं। दिन में ड्राइव करती हैं। जिस भी शहर में जाती हैं वहां शिक्षा संस्थान में पहुंचती हैं और अपने अभियान के बारे में बताकर युवाओं से मुखातिब होती हैं।

छात्राओं के लिए सना का कहना है फ्रेंडशिप के चक्कर में वह अपना समय बर्बाद न करें। कॅरियर पर फोकस जरूरी है। किसी के लिए हद से ज्यादा क्रेजी होना भी तनाव का कारण बनता है। उसके जिंदगी से चले जाने के बाद डिप्रेशन आता है। खुद को आत्मनिर्भर बनाए।

एडजस्ट करना है तो यह देख लें कि वह व्यर्थ नहीं जाना चाहिए। वरना एडजस्ट न करें। सना मेरठ में पहले सीसीएसयू कैंपस गई थीं। वहां रजिस्ट्रार दीप चंद्र से मिलीं। उन्होंने इस्माईल डिग्री कॉलेज की प्रिंसिपल से बात की। कॉलेज में चल रही वर्कशॉप में छात्राओं को संबोधित किया। सना से शिक्षिकाओं और छात्राओं ने बात की।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें