फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाथी की चाल से सियासी भूचाल: BSP की सोशल इंजीनियरिंग ने उलझाया गणित, BJP के वोट बैंक से उतारे प्रत्याशी

Mon, 18 Mar 2024 02:00 PM IST
Dimple Sirohi राजकुमार सैनी, अमर उजाला, मेरठ

सार

लोकसभा चुनाव की तैयारियों के बीच अब तक सबसे धीरे चल रहे हाथी की चाल ने सियासी गलियारे में हलचल मचा दी है। बसपा ने नई सोशल इंजीनियरिंग का प्रयोग कर प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर सबको चौंका दिया है।
विज्ञापन
बसपा सुप्रीमो मायावती। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चुनावी पगडंडी पर अब तक उदासीन से दिखाई दे रहे हाथी की चाल ने सियासी गलियारे में हलचल मचा दी है। बहुजन समाज पार्टी की टिकट वितरण में सोशल इंजीनियरिंग ने चुनावी गणित उलझा दिया है। मेरठ और आसपास की लोकसभा सीटों पर उतारे जा रहे बसपा प्रत्याशियों पर गौर करें तो बसपा खासकर भाजपा के कोर वोट बैंक पर ही वार कर रही है। 
विज्ञापन


बसपा ने इसी फार्मूले पर उप्र की सत्ता पर कब्जा किया था। वहीं 2019 के लोकसभा चुनाव में दस सीटें जीतने के साथ काफी सीटों पर दूसरे स्थान  पर रही थी। मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट ही नहीं बल्कि पश्चिम उप्र की अधिकतर लोकसभा सीटों पर भाजपा के कोर वोट बैंक से ही प्रत्याशी तलाश कर चुनाव मैदान में उतारे जा रहे हैं।

बसपा खासकर भाजपा की राहों में काटें बिछाती नजर आ रही है। उधर, भाजपा की घेराबंदी देखकर मुस्लिम वोट बैंक भी बसपा की बाबत सोचने पर मजबूर हो सकता है। इसके मद्देनजर इंडिया गठबंधन के रणनीतिकार भी अलर्ट मोड पर हैं।
विज्ञापन

बसपा की सोशल इंजीनियरिंग की बात करें तो जहां मेरठ लोकसभा सीट से बसपा ने भाजपा के कोर वोट बैंक रहे त्यागी समाज से देवव्रत त्यागी को प्रत्याशी बनाया है। वहीं बिजनौर से जाट समाज के चौ. विजेन्द्र सिंह को मैदान में उतार दिया है। सहारनपुर में माजिद अली और अमरोहा से मुजाहिद मुस्लिम को प्रत्याशी बनाया है। बागपत में गुर्जर, दलित, मुस्लिम, अतिपिछड़ों को साधने के लिए गुर्जर समाज से अरुण वैसला प्रत्याशी के नाम की घोषणा पर मोहर लगाने की तैयारी चल रही है। 

मुजफ्फरनगर से दारा सिंह प्रजापति को चुनाव मैदान में उतारकर राजनीति का रुख बदल दिया है। बुलंदशहर सीट से अनुसूचित जाति से नगीना सांसद रहे गिरीश चंद को चुनाव मैदान में उतारा है। कैराना लोकसभा सीट से बसपा सैनी को प्रत्याशी बनाने की तैयारी में है। 

कुल मिलाकर बसपा ने एससी, मुस्लिम, जाट, सैनी, प्रजापति, त्यागी, गुर्जर जाति के प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारकर बड़े वोट बैंक में सेंध लगाने की तैयारी कर ली है। 

बसपा - फोटो : सोशल मीडिया
मेरठ-हापुड़ सीट पर एक नजर 
2019 के लोकसभा चुनाव में यह रहा मत और प्रतिशत आंकड़ा 

 प्रत्याशी    पार्टी     मिले मत     प्रतिशत
 राजेंद्र अग्रवाल    बीजेपी    586,184    48.44
 हाजी याकूब     बीएसपी    581,455    48.05
 हरेंद्र अग्रवाल     कांग्रेस    34,479     2.85
 सहनसर पाल     निर्दलीय    2,215       0.18
 श्रवण अग्रवाल    निर्दलीय    1,025    0.08
 राजेश गिरी     एसवीबीपी    978    0.08
 आरती अग्रवाल     एसएस    957     0.08
 नासिर अली    पीएसपीएल    921    0.08
 अफज़ाल       बीएचएमपी    882     0.07
 किरण आर.सी. जाटव    केआरपी    512    0.04
 धर्मेंद्र    बीएचजेडी    489    0.04

मेरठ-हापुड़ लोकसीट पर बसपा ने देवव्रत त्यागी को उतारा है। इस सीट के अंतर्गत किठौर, कैंट, मेरठ दक्षिण, मेरठ शहर और हापुड़ विधान सभा आती हैं। इन सभी विधान सभा सीटों पर त्यागी समाज बहुतायत संख्या में है। कई बार चुनाव के दौरान हिंदू और मुस्लिम त्यागी भी एक साथ चलते नजर आए हैं। किठौर विधान सभा सीट से सत्यवीर त्यागी भी विधायक चुने जा चुके हैं। सपा से विधायक शाहिद मंजूर भी मुस्लिम त्यागी बिरादरी से आते हैं।  
विज्ञापन

रोचक रहा था बसपा व भाजपा का पिछला मुकाबला
2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा ने बड़े वोट बैंक मुस्लिम समाज से पूर्व मंत्री हाजी याकूब कुरैशी को प्रत्याशी बनाया था। तीन लाख से अधिक दलित, साढ़े पांच लाख से अधिक मुस्लिम वोट समीकरण के साथ बसपा प्रत्याशी ने 48.05 प्रतिशत मतों के साथ 581455 वोट पाकर जीत के करीब पहुंच गए थे। मतगणना के अंतिम चरण में भाजपा के राजेंद्र अग्रवाल ने 586,184 वोट पाकर हाजी याकूब को 4709 मतों से हराया था।

2019 में 10 सीटों पर जीते थे बसपा के सांसद 
-कई सीटों पर दूसरे नंबर पर रही बसपा

-सहारनपुर से फजलुर्रहमान 
-बिजनौर से मलूक नागर 
-नगीना में गिरीश चंद 
-अमरोहा में दानिश अली 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें