हथिनीकुंड बैराज से 29 हजार चार सौ क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जो बुधवार शाम तक बागपत जिले में पहुंच जाएगा। यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के समीप पहुंच गया है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने जिले में अलर्ट जारी कर दिया है। उधर हिंडन नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान के नजदीक पहुंच गया है। नदियों का जलस्तर बढ़ने से किसानों को भूमि कटान व फसल बर्बाद होने की चिंता सताने लगी है।
हथिनीकुंड से पिछले दस दिनों से लगातार पानी छोड़े जाने से यमुना का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। मंगलवार की शाम तीन बजे हथिनीकुंड से यमुना में 29 हजार चार सौ क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यमुना में जलस्तर बढ़ने से खादर में खेती करने वाले किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं।
यमुना व हिंडन का जलस्तर बढने से किसानों को फसल बर्बाद होने का डर सता रहा है। बाढ़ नियंत्रण नोडल अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर नीचे है। प्रशासन की बाढ़ से निपटने की सभी तैयारी पूरी है। नदी के किनारे बसे गांवों को चिंहित कर अलर्ट जारी कर दिया गया है।