एटीएस ने बताया कि इनामुलहक गांव पटना थाना गवा जनपद गिरडीह झारखंड का निवासी है और विभिन्न धार्मिक स्थानों पर विस्फोट की घटना को अंजाम देने की कोशिश में था। वह सोशल मीडिया और एक व्यक्ति के माध्यम से लश्कर-ए तैयबा के आतंकियों के संपर्क में था और उनसे हथियार व ट्रेनिंग प्राप्त करना चाहता था। पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश के लोगों से जिहाद के संबंध में जुड़ा था। उससे एक आधार, दो पैन कार्ड, एटीएम, चार सिम, एक मोबाइल फोन और मैमोरी कार्ड बरामद हुआ है। उसके साथी मोहम्मद फुरकान व नबील खान निवासी मुजफ्फरनगर के खिलाफ आईपीसी की धारा (108) के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की गई है।
बसाने वाले भी रडार पर
आरोपी बांग्लादेशी नागरिक हैं, जो अवैध रूप से देवबंद में रह रहे हैं। इस मामले में स्थानीय अधिकारी बोलने से बच रहे हैं। हालांकि, एटीएस उनका पता लगाने में जुट गई है, जिन्होंने बांग्लादेशी नागरिकों को अवैध रूप से यहां लाकर बसाया था।
कई की गर्दन आएगी शिकंजे में
एटीएस की पूछताछ में अहम खुलासे हुए हैं। सहारनपुर सहित पश्चिमी यूपी के जिलो में कई बांग्लादेशी होने की साक्ष्य मिले हैं। सूत्रों के मुुताबिक इनकी गिरफ्तारी को लेकर भी एटीएस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। एटीएस फिलहाल गोपनीय रूप से जांच कर रही है। इसमें स्थानीय पुलिस की मदद नहीं ली जा रही है।
एडिशनल एसपी और सीओ देवबंद दुर्गा प्रसाद तिवारी का कहना है कि एटीएस ने कार्रवाई की थी, लेकिन स्थानीय पुलिस भी अपने स्तर से कार्रवाई करने में जुट गई है, जिन जगहों पर संदिग्ध युवक रहे हैं, उन इलाकों में छानबीन की जा रही है। इसको लेकर खुफिया विभाग को भी अलर्ट कर दिया गया है। पुलिस की ओर से संदिग्धों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर भी कार्रवाई की जाएगी।