मेरठ में कृषि विश्वविद्यालय के छात्रों ने आरोप लगाया है कि असिस्टेंट प्रोफेसर जबरन हॉस्टल में छात्रों के कमरे में घुस आते थे और छात्रों पर अप्राकृतिक संबंध बनाने का दबाव बनाते थे। ऐसा नहीं करने पर छात्रों को आंतरिक परीक्षा में अंक कम करने की धमकी दी जाती थी। वहीं इस पूरे मामले के बाद विवि प्रबंधन सकते में आ गया है।
मेरठ के मोदीपुरम स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विवि के कुछ छात्रों ने एक असिस्टेंट प्रोफेसर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आंतरिक परीक्षा में अंक बढ़ाने के नाम पर असिस्टेंट प्रोफेसर ने छात्रों का यौन शोषण किया है। पिछले चार साल में 60 से ज्यादा छात्रों के साथ ऐसा हुआ है।
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यह भी आरोप है कि आवाज उठाने वाले छात्रों का कॅरियर बर्बाद करने की धमकी दी जा रही है। छात्रों ने आज दोपहर को विवि गेट पर धरना देने की चेतावनी दी है। इस मामले में कुछ छात्र कृषि विवि के अधिकारियों से मिले।
उन्होंने कहा कि असिस्टेंट प्रोफेसर पर वार्डन का भी एडिशनल चार्ज है। वह जबरन हॉस्टल में छात्रों के कमरे में घुस आते थे और छात्रों पर अप्राकृतिक संबंध बनाने का दबाव बनाते थे। विरोध करने पर आंतरिक परीक्षा में अंक कम करने की धमकी दी जाती थी।
उन्होंने बताया कि एक छात्र ने इस उत्पीड़न का खुलासा किया तो अन्य छात्र भी एकजुट हुए हैं। उन्होंने आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर को निलंबित करने और उन पर कानूनी कार्रवाई की मांग की। छात्रों ने कार्रवाई होने तक बुधवार यानी आज से कृषि विवि के गेट पर धरना देने की चेतावनी दी।
आरोपों से अन्य शिक्षक भी हैरान
छात्रों की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद अन्य शिक्षक भी हैरान हैं। वहीं, प्रबंधन तंत्र भी इस मामले में जानकारी पाने के लिए जुट गया है।
कुछ छात्र आए थे और असिस्टेंट प्रोफेसर पर यौन शोषण के आरोप लगाए, लेकिन लिखित शिकायत नहीं दी है। आरोप गंभीर हैं। छात्र लिखित में शिकायत करते हैं तो मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. रविंद्र कुमार, डीन बायोटेक कृषि विवि, मोदीपुरम।