फरमानी ने कहा- कलाकार का कोई धर्म नहीं होता
फरमानी ने उलमा को दो टूक जवाब देते हुए कहा कि कलाकार का कोई धर्म नहीं होता है, वह सबके लिए गाता है। इंटरनेट मीडिया पर अलग-अलग समुदाय के अपने पेज भी बनाए हैं। कलाकार हिंदू-मुस्लिम देखकर अपनी कला का प्रदर्शन नहीं करता है। जो ऐसा करता है, वह कलाकार नहीं बन सकता।
फरमानी बोली- हमने आर्थिक तंगी झेली
फरमानी ने कहा कि वह कव्वाली गाती हैं, तो भक्ति गीत के साथ भजन को भी पसंद करती हैं, हमने आर्थिक तंगी झेली हैं। उनका अपने पति से विवाद चल रहा है, जिस कारण वह अपने पिता के घर गांव में ही रही है।
अपने भाई फरमान और राहुल बच्चन के साथ मिलकर यू-ट्यूब पर गीत बनाती है। गीतों को अपलोड किए तो ख्याति मिलना शुरू हो गई। उसका कहना है कि कट्टरपंथियों के साथ उलमा के खफा होने को वह तव्वजों नहीं देती हैं।