आरिफ के अपहरण का मामला लखनऊ तक गूंजा। बसपा से वेस्ट यूपी प्रभारी नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने पुलिस को आंदोलन की चेतावनी दी तो ग्रामीणों ने जौला गांव में महापंचायत का ऐलान किया। जिससे पश्चिम उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था खराब हो सकती थी। चार दिन बाद शनिवार दोपहर आरिफ लोगों के सामने पहुंचा। लोगों ने आरिफ से तरह तरह के सवाल पूछे तो आरिफ बोला.. सॉरी सॉरी।
पुलिस का मजाक बनाया
आरिफ पर सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं हुई तो लोगों में मैसेज ठीक नहीं जाएगा। उसने पुलिस ही नहीं कानून का मजाक उड़ाया है। जिस पर एसएसपी ने प्रेसवार्ता में कहा कि आरिफ के खिलाफ केस दर्ज होगा और जांच के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई भी होगी।
स्वाति बोली, कोई बात थी तो बताते
आरिफ का फोन आते ही उसका चचेरा भाई राहत दिल्ली पहुंचा। राहत ने अपने फोन से आरिफ की बिजनेस पार्टनर स्वाति को कॉल की। बाद में आरिफ और स्वाति ने बात की। स्वाति ने पूछा तुम बगैर बताए कहां गए थे, जिस पर आरिफ ने कहा कि परेशान था, थोड़ा आराम करने के लिये गया था। स्वाति ने कहा कि अगर कोई बात थी तो एक बार बताते तो सही।
आरिफ पर था दूसरा नंबर
पुलिस ने आरिफ के दोस्त, पार्टनर, पत्नी, परिवार और कई नेताओं के फोन सर्विलांस पर लगाए थे। आरिफ के पास एक दूसरा नंबर था। जिससे वह अपने कुछ साथियों से बातचीत करता था। पुलिस ने दो दिन पहले चंडीगढ़ में आरिफ की लोकेशन का पता लगाया। शुक्रवार की रात आरिफ का फोन राहत के फोन पर आया तो पुलिस ने तत्काल एक टीम पानीपत और दूसरी दिल्ली रवाना कर दी। उसके बाद मनाली के आनंद होटल से आरिफ की जानकारी जुटाई।