- कन्या भ्रूण हत्या समाज के लिए अभिशाप है। इसे रोकने के लिए सरकार ने जो कानून बनाए हैं उनका कड़ाई से पालन होना चाहिए। महिलाओं को इसके खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए।
- तनु, छात्रा।
- पुरुष प्रधान समाज में बेटियों को पराया धन कहकर उन्हें सुविधाओं से वंचित रखा जाता है। बेटियों को किताबी ज्ञान के साथ सामाजिक ज्ञान भी होना अति आवश्यक है। उन्हें परिवार का विश्वास हासिल कर सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए।
- नैना, छात्रा।
- दहेज प्रथा एक सामाजिक बुराई है। इस बुराई को खत्म करने के लिए सरकारों के अलावा सामाजिक संगठनों के मुहिम चलाने के बावजूद यह खत्म नहीं हो सकी। इस बुराई से निपटने के लिए बेटियों को आत्मनिर्भर बनना पड़ेगा।
- स्वाति, छात्रा।
- बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से पीछे नहीं हैं, फिर भी उन्हें कमजोर समझा जाता है। बेटियों को सशक्त बनाने के लिए समाज में बेटे व बेटी का भेदभाव दूर करना होगा। यदि बेटियां सशक्त होंगी तो देश, समाज व परिवार का भविष्य उज्ज्वल होगा।
- साक्षी, छात्रा।
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