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बेटी की मौत पर फूट-फूटकर रोए पिता, वर्दी का सपना पूरा होते ही जिंदगी से हार गई अंशिका, तस्वीरें

Thu, 16 Jan 2020 02:51 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
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रोते अंशिका के पिता और साइड में अंशिका का फोटो - फोटो : अमर उजाला
इकलौती बेटी को पुलिस में भर्ती कराने का सपना संजोए अंशिका के पिता रामवीर उसे लेकर खुद ही बरेली पहुंचे थे। बेटी पीएसी ग्राउंड में दौड़ रही थी और बाहर खड़े पिता उसकी सफलता की दुआ कर रहे थे। मगर उन्हें बुरी खबर सुनने को मिलीं। बेटी अंशिका ने पुलिस भर्ती की दौड़ तो पूरी कर ली, लेकिन वह जिंदगी की दौड़ हार चुकी थी। अगली स्लाइडों में तस्वीरों के साथ जानिए पूरा अपडेट-
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बेटी की मौत पर रोते अंशिका के पिता - फोटो : अमर उजाला
बागपत के फजलपुर सुंदर नगर की रहने वाली अंशिका सिंह आरक्षी भर्ती के लिए हो रही शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल होने गई थीं। वहां उन्हें 14 मिनट में छह राउंड लगाकर 2.4 किलोमीटर की दौड़ पूरी करनी थी। अंशिका ने यह दौड़ 13 मिनट और कुछ सेकेंड में पूरी कर ली। मगर इसके साथ ही वह ट्रैक पर बेसुध होकर गिर पड़ी और दम तोड़ दिया।
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अंशिका का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
सूचना पर एसपी ग्रामीण संसार सिंह, एसपी सिटी, पीएसी कमांडेंट विकास कुमार वैद्य, कमलेश बहादुर समेत अन्य अधिकारी भी पहुंचे। बाहर मौजूद पिता रामवीर, मुंह बोला भाई विनय और उसकी बहन को अंशिका की तबीयत बिगड़ने की सूचना दी गई तो सभी जिला अस्पताल पहुंच गए। यहां मोर्चरी के बाहर अधिकारियों ने रामवीर को घटनाक्रम के बारे में बताया तो वह उनके चेहरे देखते रहे लेकिन बेटी का शव देखा तो बदहवास हो गए। बेटी के चेहरे को छूकर फूट-फूट कर रो पड़े। परिवार वालों ने बताया कि अंशिका सबसे बड़ी थी, उससे छोटे दो अन्य भाई हैं।

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अंशिका - फोटो : अमर उजाला
सिर्फ कार्डियक अरेस्ट.. और कुछ नहीं
पोस्टमार्टम में अंशिका की मौत कार्डियक अरेस्ट से होने की पुष्टि हुई है। जिला अस्पताल के पूर्व हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. वीपी भारद्वाज के मुताबिक इस तरह की मौत कार्डियक अरेस्ट से ही होती है। इसकी दो परिस्थितियां होती हैं, वेसोवेगल शॉक या वेंट्रिकुलर फिब्रिलेशन। वेसोवेगल शॉक में शरीर पर तनाव काफी बढ़ जाता है और हृदय की मांसपेशियां अलग-अलग धड़कने लगती हैं। इसी तरह वेंट्रिकुलर फिब्रिलेशन में नसों में खून के थक्के जम जाते हैं। तुरंत सीपीआर देने से सांस तो आ जाती है लेकिन खून के जमे हुए थक्के हृदय में पहुंचने की वजह से धड़कन नहीं लौटती। इन दोनों ही वजह से कार्डियक अरेस्ट होता है और मौत हो जाती है। इसका एक अन्य कारण एयरोटिक वॉल्व में सिकुड़न होना भी होता है। ज्यादा मेहनत करने पर कोरोनरी आर्टिलरी का ब्लड हार्ट खींच लेता है। वह ब्लड एओरटा नली में आ जाता है। इससे भी हार्ट काम करना बंद कर देता है।
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अंशिका के आधार कार्ड की फोटो - फोटो : अमर उजाला
हॉकी प्लेयर की भी ऐसे ही हुई थी मौत
कैंट क्षेत्र के गांव भरतौल निवासी हॉकी प्लेयर विनोद सिंह रावत की मौत भी मई 2018 में इसी तरह हुई थी। वह साई स्टेडियम में वर्क आउट कर रहे थे और अचानक ही कार्डियक अरेस्ट हो गया। विनोद नेशनल हॉकी प्लेयर थे और बिहार की तरफ से खेलते थे। स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ ग्राउंड पर दौड़ते वक्त उनके साथ हादसा हुआ था।
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इकलौती बेटी की मौत पर रोते पिता - फोटो : अमर उजाला
फजलपुर में गम का माहौल
अंशिका राजपूत की मौत से फजलपुर गांव में गम का माहौल है। अंशिका की ख्वाहिश थी कि वह यूपी पुलिस में भर्ती होकर पिता का सहारा बने। रामवीर राजपूत छोटी जोत के किसान हैं। परिवार में पत्नी डॉली, बड़ी बेटी अंशिका, बेटे हिमांशु और मुकुल हैं। चचेरे भाई गौरव ने बताया कि अंशिका ने स्नातक तक पढ़ाई की थी।
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पुलिस से बात करते अंशिका के पिता - फोटो : अमर उजाला
हर हाल में भर्ती होना चाहती थी अंशिका
एक मई, 1999 में जन्मी अंशिका हर हाल में यूपी पुलिस की भर्ती परीक्षा पास करना चाहती थी। वह रोजाना दौड़ का अभ्यास कर रही थी। कारण था कि पुलिस भर्ती में सामान्य श्रेणी के लिए अधिकतम आयु 21 वर्ष है। अंशिका के 21 वर्ष की होने में कुछ ही माह रह गए थे। यह उसके लिए आखिरी मौका था। लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था।

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