धान के खेत में घुसे पशु, विरोध करने पर किसान को पीटा
हस्तिनापुर। क्षेत्र के गांव बस्तोरा नारंग में जिला पंचायत के आश्रय स्थल के पशु धान के खेत में घुस गए। किसान ने विरोध किया तो पशुओं को चरा रहे युवकों ने किसान पर हमला कर घायल कर दिया। पीड़ित ने पुलिस और परिजनों को जानकारी दी। हमलावर मौके से फरार हो गए। किसान का उपचार कराया गया है।
गोवंशीय पशुओं को आश्रय देने के लिए गांव बस्तोरा नारंग में राज्य वित्त आयोग 2019-20 के अंतर्गत जिला पंचायत द्वारा कांजी हाउस में पशु आश्रय स्थल का निर्माण कराया गया है। यहां करीब एक सौ गोवंशीय पशु है। किसान मनीष ने बताया कि बुधवार को आश्रय स्थल के कर्मचारी पशुओं को चराने के लिए जंगल में पहुंचे थे, जहां पर कई गोवंश उसके धान के खेत में घुस गए। इस पर किसान ने विरोध किया। आरोप है कि पशु चरा रहे लोगों ने किसान के साथ मारपीट शुरू कर दी। हमले में किसान घायल हो गया। पीड़ित ने मामले की जानकारी पुलिस और परिजनों को दी। इस पर पशु चरा रहे आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल किसान को इलाज के लिए सीएचसी पर भेजा गया, जहां पर उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। जिला पंचायत के जेई से अंशुल गुप्ता का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। पशु आश्रय स्थल से पशुओं को बाहर नहीं ले जाया जा सकता।
जेब में रकम, चराकर भर रहे पशुओं का पेट
किसानों का कहना है कि पशु आश्रय स्थल पर मौजूद कर्मचारियों द्वारा मनमानी की जा रही है। पशुओं को खुराक की रकम में हेरफेर किया जा रहा है। आश्रय स्थल में सैकड़ों पशु है, जिनकी देखभाल के लिए शासन द्वारा तीस रुपय प्रति पशु के हिसाब से दिए जाते हैं। कर्मचारी गोवंश को चराने के लिए गांव के आसपास के जंगलों में ले जाते हैं। पशुओं पर मिलने वाली रकम को डकारने का आरोप लगाया।