सरकार न समझी तो बदलनी ही पड़ेगी
गठवाला खाप पुरा महादेव के चौधरी आजाद मलिक कहते हैं कि सरकार किसानों की सुनवाई नहीं कर रही है। किसानों के मुद्दे अगर नहीं सुलझाए गए तो किसानों को सत्ता परिवर्तन करना होगा। मुजफ्फरनगर महापंचायत निर्णायक फैसला करेगी।
जो किसानों के न हुए, वह किसी के नहीं
गठवाला खाप के थांबेदार श्याम सिंह बहावड़ी ने कहा कि सरकार किसानों की सुनवाई नहीं कर रही है। जो किसानों के नहीं हो सकते, वह किसी के नहीं हो सकते। किसानों के साथ मजदूर, व्यापारी और अन्य वर्ग के लोग भी महापंचायत में शामिल होंगे।
महापंचायत से फिर बुलंद होगा भाईचारा
भाकियू नेता अनिल मलिक का कहना है कि मुजफ्फरनगर महापंचायत से भाईचारा फिर बुलंद होगा। किसानों के लिए महंगाई बड़ा मुद्दा है। सरकार के खिलाफ अब निर्णायक जंग का एलान होगा। अंतिम फैसला किसान मोर्चा के नेता ही करेंगे।
किसानों के एक होने का समय
देशखाप बड़ौत के चौधरी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि यही समय किसानों के एक होने का है। सरकार किसानों की सुनवाई नहीं कर रही है। ऐसे में किसान अपनी एकजुटता और भाईचारे की ताकत से ही मुकाबला कर सकते हैं। सबको एक होकर आगे बढ़ना होगा।