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अमर उजाला खास रिपोर्ट: बदले जाएंगे जर्जर तार, बिजली ढांचे में दौड़ेगा ‘करंट’, योजना में होंगे ये कार्य

Fri, 03 Sep 2021 02:16 PM IST
कपिल kapil राजदीप जाखड़, अमर उजाला, मेरठ

सार

पश्चिमी यूपी के 14 जिलों में योजना के तहत जर्जर तारों को हटाकर एबीसी केबल डाला जाएगा। वहीं सभी घरों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर भी लगाए जाएंगे। जानिए इस योजना के तहत और क्या-क्या कार्य किए जाएंगे।
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जर्जर तार। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) की परिचालन क्षमता और वित्तीय स्थिरता में सुधार करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लागू की जा रही रीवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएस) से ऊर्जा सेक्टर को पंख लगने जा रहे हैं। इस योजना के तहत पीवीवीएनएल के लिए भी 13036 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। इतनी बड़ी राशि से कंपनी के सभी 14 जनपदों में बिजली ढांचे को मजबूत करने के साथ ही लाइन लॉस और बिजली चोरी को कम किया जाएगा। इसके लिए जहां जर्जर तारों को हटाकर एबीसी केबल डाला जाएगा, वहीं सभी घरों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। नए बिजलीघरों और फीडरों का निर्माण होगा और पुराने बिजलीघरों और फीडरों की क्षमता वृद्धि की जाएगी।

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केंद्र सरकार द्वारा बिजली ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए शहरी क्षेत्र के लिए आईपीडीएस और ग्रामीण क्षेत्र के लिए डीडीयूजीजे योजना चलाई जा रही थी। इसके अलावा प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) के जरिये भी कनेक्शन विहीन घरों को कनेक्शन जारी किए जा रहे थे। अब इन सभी योजनाओं को आरडीएस योजना में शामिल कर लिया गया है। योजना में पीवीवीएनएल के लिए 13016 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

बनाई जाने लगी कार्ययोजना 
पीवीवीएनएल एमडी के निर्देश पर योजना की कार्ययोजना बनाई जाने लगी है। सभी जनपदों के अधिकारी इस काम में लगे हैं। कार्ययोजना आने के बाद कार्यों का आवंटन किया जाएगा।

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हर घर में लगेंगे प्रीपेड स्मार्ट मीटर 
योजना के प्रमुख उद्देश्यों में से एक उद्देश्य सभी घरों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाना है। योजना के अंतर्गत 25 करोड़ घरों में मीटर लगाए जाने का लक्ष्य है। पहले चरण में वर्ष 2023 तक 10 करोड़ घरों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। 

योजना में ये होंगे कार्य 
नए बिजलीघरों का निर्माण और पुराने बिजलीघरों की क्षमता वृद्धि 
जर्जर तारों की जगह एबीसी केबल डाला जाएगा
ग्रामीण और नलकूप फीडरों को अलग-अलग किया जाएगा
अतिरिक्त एचटी लाइनों का निर्माण
स्काडा एवं डीएमएस विद्युत नगरीय क्षेत्रों के लिए 
नए फीडर और कैपेसीटर स्थापना का कार्य 
भूमिगत केबल कार्य 
कृषि फीडरों को कुसुम योजना के अंतर्गत सोलराइज्ड किया जाएगा। 
2024-25 तक लाइन लॉस 12 से 15 फीसदी और औसत आपूर्ति मूल्य एवं औसत राजस्व प्राप्ति का गैप शून्य किया जाएगा

बना रहे कार्ययोजना 
आरडीएस योजना से बिजली का ढांचा सुदृढ़ किया जाना है। पीवीवीएनएल के लिए योजना के तहत 13036 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। कार्ययोजना बनाई जानी लगी है। सभी जनपदों से प्रस्ताव मांगे जा रहे हैं। जनप्रतिनिधियों से भी सुझाव और प्रस्ताव आमंत्रित किए जा रहे हैं। - अरविंद मल्लप्पा बंगारी, एमडी पीवीवीएनएल मेरठ
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