वहीं, कर्मकांड में पीजी डिप्लोमा करने वाले विद्यार्थी इंटर्नशिप के दौरान हवन-यज्ञ, गृह प्रवेश पूजन, नामकरण संस्कार व विवाह संस्कार समेत सभी 16 संस्कार कराएंगे। इससे न सिर्फ सीसीएसयू की आमदनी होगी बल्कि विद्यार्थियों को ज्योतिर्विज्ञान और कर्मकांड में आत्मविश्वास भी पैदा होगा और रोजगार के अच्छे अवसर मिलेंगे। संस्कृत विभाग के समन्वयक प्रो. वाचस्पति मिश्र ने इसके बाबत दो मई को कुलपति के सामने प्रस्ताव रखा था, जिस पर सहमति मिल गई। 12 सितंबर को वित्त समिति की बैठक में प्रस्ताव रखा गया, जिसे स्वीकार कर लिया गया। अब यह प्रस्ताव कार्यपरिषद की जल्द होने वाली बैठक में रखा जाएगा। कार्यपरिषद की मोहर लगते ही विद्यार्थी इंटर्नशिप के तहत यह काम शुरू कर देंगे।
सीसीएसयू डीन, प्रो. संजीव शर्मा ने बताया कि एनईपी के मंतव्य के अनुसार विद्यार्थियों की प्रतिभा के बहुर्मुखी विकास और भारतीय ज्ञान व कौशल में अभिवृद्धि के लिए सीसीएसयू निरंतर प्रयास कर रहा है। जिसके तहत ही यह व्यवस्था की जा रही है।
100 रुपये में पंजीकरण कराइए, तय समय में पूजा-पाठ या कुंडली बनवाइए
अगले वित्त वर्ष में कर्मकांड में होगी पीजी डिग्री
समन्वयक प्रो. वाचस्पति मिश्र ने बताया कि यदि किसी को कुंडली बनवानी है, भविष्य फल जानना है, विवाह के लिए कुंडली का मिलान कराना है अथवा यज्ञ, पूजन या 16 में से कोई संस्कार करवाना है, तो उसे विभाग में आकर 100 रुपये जमा करके पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद विद्यार्थी तय समय व तारीख पर संस्कार कराएंगे। वर्तमान में कर्मकांड में पीडी डिप्लोमा चल रहा है। अगले शैक्षिक सत्र में कर्मकांड में पीजी पाठ्यक्रम शुरू होगा।