अव्यवस्था की वजह से दूसरी लहर रही ज्यादा खतरनाक
दूसरी लहर (अप्रैल-मई 2021) में संक्रमण का फैलाव तो तेज था ही, साथ ही अव्यवस्था हावी थी। जिस कारण यह ज्यादा खतरनाक रही। किसी को ऑक्सीजन नहीं मिली तो किसी को बेड। किसी का इलाज करने चिकित्सक नहीं पहुंचा तो किसी मरीज का लाखों का बिल बना दिया गया। अगर व्यवस्था दुरुस्त होती तो इतना हाहाकार नहीं मचता।
कोरोना कम हुआ तो ब्लैक फंगस का हमला
कोरोना कम हुआ तो अब ब्लैक फंगस कहर बरपा रहा है। जिले में 248 मरीज मिल चुके हैं और 21 की मौत हो चुकी है। तादाद ज्यादा होने पर मेडिकल में कोविड ब्लाक में ब्लैक फंगस के मरीजों को रखना पड़ रहा है। हालात ये हैं कि लोगों में ब्लैक फंगस के नाम की दहशत हो गई है। अगर किसी के दांत में जरा भी दर्द हो रहा है तो वह घबराकर चिकित्सक के पास पहुंच रहा है।