चुनावी खर्च पर लगाम कसे
दूसरा स्थान पाने वाली सिल्वर बेल्स की बीएड की छात्रा टीना देशवाल ने पक्ष में कहा कि देश में एक साथ चुनाव होने चाहिए। बस चुनाव आयोग को चुनावी खर्च पर लगाम कसने को नियम सख्त करने होंगे। क्योंकि प्रत्याशी धरातल पर होने वाले खर्च से एक चौथाई खर्च भी नहीं दिखाते।
निर्वाचन व्यवस्था में सुधार की जरूरत
तीसरे स्थान पर रही गवर्नमेंट पीजी कालेज कांधला की बीए की छात्रा कोमल ने कहा कि देश में एक चुनाव हो? ये कोई बड़ा मसला नहीं है। बल्कि चुनाव आयोग को देश की निर्वाचन व्यवस्था में बेहद सुधार करना होगा। आचार संहिता के उल्लंघन की तरह चुनाव में धन बल को रोकना होगा।
व्यावहारिक रूप से लागू करना संभव नहीं
जेवी कॉलेज बड़ौत के राजनीति विज्ञान के वरिष्ठ प्रवक्ता प्रताप चौधरी ने कहा कि देश में एक देश एक चुनाव सैद्धांतिक रुप से सही है लेकिन व्यवहारिक रूप से इसे लागू करना संभव नहीं है। उन्होंने अमर उजाला के प्रयास को युवाओं को आगे बढ़ने का बेहतरीन अवसर बताया।
युवा वर्ग भी देश के लिए चिह्नित
वीवीपीजी कॉलेज के सेवानिवृत्त प्रवक्ता डॉक्टर अमलेश गुप्ता ने कहा कि इस गंभीर मुद्दे पर वाद विवाद के माध्यम से पता चलता है कि हमारा युवा वर्ग भी देश के लिए चिंतित है। युवा पढ़ाई के साथ दुनिया और समाज के बारे में जानकारी रखें।
पढ़ाई के साथ सामान्य ज्ञान भी बढ़ाएं
एसपी अजय कुमार ने प्रतिभागियों से कहा कि वे अपनी पढ़ाई के साथ देश दुनिया, राजनीति और सामाजिक ज्ञान भी रखें। रोज अखबार पढ़ें। विभिन्न विषयों की मैगजीन पढ़ें, जिससे उनका सामान्य ज्ञान बढे़गा। इसके बाद उन्हें किसी भी विषय पर रटकर आने की जरूरत नहीं होगी, खुद ही मन से विचार निकलेंगे। बताया कि विद्यार्थी जीवन में पहली बार मंच पर बोले तो उन्हें भी बहुत घबराहट हुई। लेकिन धीरे धीरे आदत हो गई। अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत उन्होंने जिले के स्कूल कालेजों में जाकर करीब 30 हजार बेटियों को मोटिवेट किया है।
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