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बंदी के फरारी मामले में दिल्ली पुलिसकर्मियों के खिलाफ बैठाई जांच, अभी तक हत्थे नहीं चढ़ा आरोपी

Tue, 23 Jul 2019 02:02 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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दिल्ली पुलिस - फोटो : self
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यूपी के मुजफ्फरनगर में दिल्ली-दून हाईवे स्थित होटल से रात के समय दिल्ली पुलिस की कस्टडी से फरार होने वाले धोखाधड़ी के आरोपी बंदी नितिन नागपाल के मामले में दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने एएसआई और दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के लिए जांच बैठा दी है। बंदी के विरुद्ध जिस धारा में मुकदमा दर्ज कराया गया है, उसी धारा में एएसआई और पुलिसकर्मियों पर भी अपराध बनता है। इसलिए एएसआई और पुलिसकर्मियों को भी जमानत करानी पड़ेगी। 

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नई दिल्ली के 82, वरदान अपार्टमेंट के आईपी एक्सटेंशन निवासी धोखाधड़ी का आरोपी नितिन नागपाल पुत्र गणेशपाल नागपाल दिल्ली के लक्ष्मीनगर थाना के एएसआई विजय दत्त और दो पुलिसकर्मियों की कस्टडी से 17 जुलाई की देर रात करीब तीन बजे खतौली नेशनल हाईवे पर स्थित अलकनंदा होटल से फरार हो गया था। बंदी के फरार होने की घटना को लेकर दिल्ली पुलिस के उच्चाधिकारियों ने एएसआई और दोनों पुलिसकर्मियों के विरुद्ध जांच बैठा दी। जांच में दोषी पाए जाने पर इनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। 

एएसआई विजय दत्त की ओर से खतौली थाने में फरार बंदी के विरुद्ध धारा 223 व 224 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। बंदी के विरुद्ध जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। उसी धारा में एएसआई और दोनों पुलिसकर्मियों पर भी अपराध बनता है। खतौली पुलिस के मुताबिक एएसआई और पुलिसकर्मियों को अभी इसी अपराध में जमानत करानी पड़ेगी। हालांकि इनको थाने से ही जमानत मिल जाएगी, क्योंकि इस अपराध में 10 साल से कम की सजा का प्रावधान है। दिल्ली पुलिस उसी दिन से बंदी की गिरफ्तारी के प्रयास में लगी है। इसके बावजूद छह दिन बाद भी बंदी दिल्ली पुलिस की पकड़ में नहीं आ सका है।

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बंदी को साथ लेकर हरिद्वार में नहाती दिल्ली पुलिस
दिल्ली से बंदी नितिन नागपाल को जिस कार में लेकर पुलिस चली थी। उस कार में चालक, बंदी, एएसआई विजय दत्त व दो सिपाहियों के अलावा छठा व्यक्ति भी था। जो एएसआई का परिचित बताया गया है। एएसआई अपने परिचित को साथ लेकर कार में चला था। एएसआई की मंशा थी कि देहरादून जाते हुए रास्ते में हरिद्वार गंगा में नहाएंगे। इसलिए एएसआई अपने परिचित को साथ लेकर चला था। 

खतौली पुलिस को बंदी सौंपना पड़ेगा
दिल्ली पुलिस के पकड़ में आने पर बंदी को अब सबसे पहले खतौली पुलिस को सौंपना पड़ेगा। खतौली पुलिस बंदी को थाने में दर्ज मुकदमे के मामले में जेल भेजेगी। इसके बाद खतौली पुलिस बंदी को रिमांड पर लेकर उसको फरार कराने में किन-किन लोगों ने योजना बनाई थी, इसके बारे पूछताछ की जाएगी। बंदी को फरार कराने के जिन लोगों के नामों का खुलासा होगा, उनके विरुद्ध भी मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। बंदी को फरार कराने में जिस वाहन का इस्तेमाल किया गया, उस वाहन को बरामद किया जाएगा।

बंदी नितिन नागपाल को दिल्ली पुलिस की टीम हरियाणा में तलाश करने में जुटी है। फरार बंदी पुलिस की पकड़ में अभी तक नहीं आ सका है। दिल्ली पुलिस का दावा है कि शीघ्र ही बंदी को पकड़ लिया जाएगा। - हरसरन शर्मा, इंस्पेक्टर, खतौली।

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