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एक्सक्लूसिव: अब ग्रेप से रोका जाएगा वायु प्रदूषण, पढ़िए अमर उजाला की ये खास रिपोर्ट

Mon, 05 Oct 2020 03:01 PM IST
कपिल kapil मोहित कुमार, अमर उजाला, मेरठ
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वायु प्रदूषण (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI
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एनसीआर में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 15 अक्तूबर से शहर में ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू किया जा रहा है। इसके लिए एनजीटी ने निर्देश दिए हैं कि रात में सड़कों की धुलाई की जाए और कंस्ट्रक्शन साइट पर पीटीजेड कैमरे लगाए जाएं। पिछले कई साल से सर्दी के मौसम में एनसीआर में वायु प्रदूषण की समस्या बढ़ जाती है। इसके समाधान के लिए ही नए उपाय किए जा रहे हैं। 

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नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली के बाद मेरठ की हवा सबसे ज्यादा खराब है। यहां प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है और इससे मानव स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। एनजीटी के निर्देश हैं कि ऐसी सड़कों का आकलन किया जाए, जहां धूल और ट्रैफिक ज्यादा होने से वायु प्रदूषण की गुणवत्ता खराब होती है। 

ये हैं नए नियम
- बड़ी कंस्ट्रक्शन साइट पर सप्ताह में दो बार पेन टिल्ट जूम कैमरे लगाए जाएंगे 
- धूल उड़ने से रोकने के लिए महीने में दो बार मैकेनिकल स्वीपिंग की जाएगी 
- रात में सड़कों पर धुलाई कराने की जिम्मेदारी नगर निगम की होगी
- प्रतिबंधित ईंधन का प्रयोग नहीं, औद्योगिक इकाइयों में भी पेन टिल्ट जूम कैमरे लगाए जाएंगे

ये होगा काम
- औद्योगिक इकाइयों और बड़े जेनरेटरों का संचालन मानक के अनुरूप हो
- प्रतिबंधित ईंधन का प्रयोग रोक कर पीएनजी-सीएनजी का अधिक प्रयोग 

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ये हैं शहर के हाई डस्ट रोड 
बाईपास एनएच 58      परतापुर से मोदीपुरम 
हापुड़ रोड                  बेगम पुल से बिजली बंबा बाईपास 
दिल्ली रोड                  बेगम पुल से परतापुर

यहां है सबसे ज्यादा ट्रैफिक
हापुड़ रोड, सोहराब गेट बस स्टैंड, एचआरएस चौक दिल्ली रोड और हापुड़-दिल्ली लिंक रोड

पिछले साल 500 तक पहुंचा था एक्यूआई 
वर्ष          एक्यूआई

2019         500
2018         495
2017         472
2016         460
2015         440

इस समय बाईपास पर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और रैपिड रेल का काम चल रहा है। ऐसे में सवाल यह है कि सड़कों की धुलाई कैसे होगी और इसके लिए पानी कहां से आएगा। अभी शहर में ही पानी की किल्लत है। 

ग्रेप सिस्टम में सभी विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है, जो प्रत्येक दिन अपनी रिपोर्ट देंगे। - डॉ. योगेंद्र कुमार, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी

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